सीजी भास्कर, 6 सितम्बर |
Sudden Dam Collapse (Dam Collapse in Sarguja) से मची अफरातफरी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले के लुंड्रा विकासखंड के गेरसा गांव में शनिवार सुबह अचानक Dam Collapse in Sarguja (बांध टूटने की घटना) से हड़कंप मच गया।
वर्ष 1988 में बने इस बांध के मेड़ का बड़ा हिस्सा सुबह करीब नौ बजे ढह गया, जिसके बाद पानी का तेज बहाव निकल पड़ा। शुक्र है कि निचले हिस्से में कोई बस्ती नहीं थी, वरना जनहानि भी हो सकती थी।Farmers के लिए नुकसान, फसल जलमग्न
इस हादसे में गांव के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। करीब 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में खड़ी धान की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई।
किसानों ने बताया कि लंबे समय से इस Dam Collapse in Sarguja को लेकर खतरे के संकेत मिल रहे थे, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।Heavy Rainfall ने बढ़ाया खतरा
पिछले कुछ दिनों से उत्तरी छत्तीसगढ़ में लगातार भारी बारिश हो रही है। नतीजा यह हुआ कि नदियां, नाले और जलाशय पहले से ही लबालब भर गए थे।
ऐसे में पुराने बांध (Old Dams Maintenance Issue) पर दबाव और बढ़ गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की अनदेखी और समय पर मरम्मत न होने की वजह से यह स्थिति बनी।Collector पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विलास भोसकर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही स्थिति का जायजा लेने और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया।
ग्रामीणों का आरोप: Negligence in Dam Maintenance
ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि Negligence in Dam Maintenance (बांध की देखरेख में लापरवाही) के चलते यह हादसा हुआ।
उनका आरोप है कि जलाशय की क्षमता से अधिक पानी भरा गया और समय पर रिसाव को रोका नहीं गया। इससे मेड़ का बड़ा हिस्सा टूट गया और हजारों क्यूसेक पानी बह निकला।चेतावनी: पुराने बांध खतरे में
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह से पुराने बांधों का रखरखाव (Old Dam Safety Issues) अनदेखा किया जाता रहा, तो आगे और भी गंभीर हादसे सामने आ सकते हैं। हाल की घटनाओं ने ग्रामीणों और किसानों के बीच दहशत फैला दी है।




