सीजी भास्कर, 9 सितंबर। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव(Fertilizer Stock Irregularities Kondagaon) जिले में खाद की आपूर्ति और बिक्री को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की टीम ने धनोरा स्थित लोकेश इंटरप्राइजेज पर आकस्मिक जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पकड़ी गईं। निरीक्षण में दुकान में डीएपी की 46 बोरी और एसएसपी की 80 बोरी उपलब्ध पाई गई, जबकि एमओपी और यूरिया (Fertilizer Stock) पूरी तरह से नदारद थे। इतना ही नहीं, विक्रय केंद्र पर मूल्य सूची का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि स्कंद पंजी का संधारण नहीं किया जा रहा था। साथ ही कैश मेमो और वितरण पंजी की स्थिति बेहद लापरवाहीपूर्ण रही। विभागीय टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कृषि विभाग(Fertilizer Stock Irregularities Kondagaon) ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी पकड़े जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
इसी तरह मेसर्स वी.एस. कंस्ट्रक्शन धनोरा के विक्रय केंद्र और गोदाम का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां तो स्थिति और भी चौंकाने वाली थी। निरीक्षण के दौरान एक भी बोरी उर्वरक का स्टॉक (Inspection Report) उपलब्ध नहीं मिला। यह सीधे-सीधे किसानों के हितों से खिलवाड़ की स्थिति मानी गई।
विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही विक्रेता को निर्देश दिए कि प्रॉपर स्कंद पंजी, वितरण पंजी और कैश मेमो संधारित किए जाएं। साथ ही यह भी सख्ती से कहा गया कि उर्वरक का विक्रय केवल शासन द्वारा निर्धारित दरों पर किया जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या स्टॉक छिपाने की कोशिश (Regulatory Action) बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृषि विभाग की इस दबिश ने पूरे इलाके के उर्वरक विक्रेताओं(Fertilizer Stock Irregularities Kondagaon) में खलबली मचा दी है। किसान संगठनों ने भी इसे सही कदम बताते हुए कहा कि अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समय पर किसानों को खाद उपलब्ध हो सके और फसल प्रभावित न हो।






