सीजी भास्कर, 20 सितंबर। (Manipur Attack Chhattisgarh Soldier Martyred) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार शाम उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। अचानक हुई गोलीबारी में काफिले का एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बालेंगा ग्राम उपयगुड़ापारा निवासी जवान रंजीत कुमार कश्यप ने देश की रक्षा करते हुए शहादत दी। इसी हमले में तीन अन्य जवान भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।
परिवार और गांव में शोक की लहर
जैसे ही बलिदान की खबर गांव पहुँची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुजुर्ग माता-पिता का सहारा छिन गया और रंजीत की तीन मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद की पत्नी और बेटियां सदमे में हैं और किसी को भी संभालना मुश्किल हो रहा है।
कुछ दिन पहले ही लौटे थे ड्यूटी पर
गांव वालों ने बताया कि रंजीत हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे। करीब एक माह तक उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और पांच दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। अपने साथियों से उन्होंने कहा भी था कि सेवा के केवल तीन साल शेष हैं, उसके बाद वे रिटायर होकर गांव में स्थायी रूप से रहेंगे और माता-पिता का सहारा बनेंगे। लेकिन (Manipur Attack Chhattisgarh Soldier Martyred) किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं था।
बचपन से था देशसेवा का सपना
परिजनों ने भावुक होते हुए बताया कि रंजीत बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते थे। यही सपना पूरा करने के लिए उन्होंने असम राइफल्स जॉइन किया। परिवार के अन्य सदस्य भी सेना और सुरक्षा बलों से जुड़े हैं। उनकी बहन की शादी बीएसएफ जवान से हुई है। तीन बेटियों के पिता रंजीत का जीवन हमेशा दूसरों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
गांव करेगा याद अपने वीर सपूत को
ग्रामीणों का कहना है कि रंजीत कश्यप का योगदान और बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। उनकी यादें और उनके किस्से गांव के हर बच्चे-बुजुर्ग के जेहन में हमेशा जीवित रहेंगे। शहीद का नाम आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक होगा।


