सीजी भास्कर, 1 नवंबर। वन विभाग (Forest Department) को बड़ी सफलता मिली है। अर्जुनी परिक्षेत्र में गौर (बायसन) के अवैध शिकार (Gaur Poaching Case Chhattisgarh) के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी कसडोल अनिल कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, बिलाड़ी परिसर के संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 324 में वन्यप्राणी गौर (bison) के शिकार की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान गौर के शरीर के अंग बिखरे हुए मिले, जिससे शिकार की पुष्टि (Illegal Hunting Proof) हो गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के नाम हैं समेलाल वल्द नैनसिंग यादव (उम्र 42 वर्ष, राजकुमार वल्द अंतराम गोंड़ (उम्र 42 वर्ष), दिनेश वल्द रतिराम कोड़ाकू (उम्र 30 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम बिलारी, तहसील सोनाखान, जिला बलौदाबाजार। वन विभाग ने बताया कि चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी सक्रिय रूप से तलाश (Forest Search Operation) जारी है।
आदतन शिकारी फिर चढ़ा पुलिस के हत्थे
गौरतलब है कि आरोपी राजकुमार वल्द अंतराम सिदार पहले से ही आदतन अपराधी है। वह इससे पहले भी विद्युत करंट से दो बार शिकार करते हुए पकड़ा जा चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसने अपनी आदत नहीं छोड़ी और 25 अक्टूबर 2025 को एक गर्भवती गौर का अवैध शिकार करने में फिर से संलिप्त पाया गया। विभाग ने उसे गिरफ्तार कर पुनः जेल भेज दिया है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
इस पूरे प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) तथा संशोधन अधिनियम 2002 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। पी.ओ.आर. प्रकरण क्रमांक 16428/15 दिनांक 25/10/2025 में मामला पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उपजेल बलौदाबाजार भेजा गया है।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता रायपुर (State Flying Squad Raipur) के सहायक वन संरक्षक संदीप सिंह ठाकुर और उनकी टीम ने विशेष भूमिका निभाई। वहीं, रूपेंद्र कुमार साहू, रूपेश्वरी दीवान, भरतलाल साहू, भागीरथी सोनवानी, रविंद्रकुमार पांडे सहित पूरी वन टीम का योगदान सराहनीय रहा। विभाग ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


