सीजी भास्कर, 11 नवंबर। धार्मिक तीर्थ यात्रा (Travel scam Chhattisgarh) उमरा कराने के नाम पर 37 लाख से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपित मकान में ताला लगाकर भाग निकले। पीड़ितों ने पूरे मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तारबाहर में रहने वाले शेख अकरम ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में 11 सितंबर से 29 नवंबर के बीच तैयबा चौक, तालापारा स्थित (Ruhi Tours and Travels scam) रूही टूर एंड ट्रेवल्स के आफिस में ऑनलाइन व नकद रूप से चार लाख 56 हजार 700 रुपये जमा किए। इसी तरह उनके रिश्तेदारों और परिचितों मोहम्मद इखलाख, सैय्यद अब्दुल रहीम, जावेद हुसैन, अब्दुल हकीम, इशहाक मोहम्मद, हफीजन बी, हफीज मोहम्मद, तशरीफ मोहम्मद, मोहम्मद इमरानुद्दीन, शमीम सिद्धिकी, सलमान सिद्धिकी, कौशर सिद्धिकी, सुल्तान अंसारी, हसन अली, अल्तमश सिद्धिकी और शब्बीर मोहम्मद ने भी अलग-अलग रकम मिलाकर कुल 37 लाख 24 हजार 100 रुपये का भुगतान किया था।
सभी लोगों को टूर एंड ट्रेवल्स के संचालकों की ओर से बताया गया था कि 27 जनवरी 2024 को हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस से मुंबई रवाना होकर वहां से सऊदी अरब के लिए यात्रा करनी थी। लेकिन निर्धारित तारीख से पहले कटघोरा निवासी संचालक वसीम अली और उनकी पत्नी रेशमा रूबी ने यात्रियों को वीजा नहीं दिया।
जब 26 जनवरी को शेख अकरम अपने साथियों के साथ कटघोरा जाकर दोनों से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने पहले टालमटोल किया। बाद में कहा कि यात्रा तय है, सभी तैयार रहें। अगले दिन 27 जनवरी की सुबह जब पीड़ितों ने वसीम अली को फोन किया तो उनका मोबाइल बंद मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि दोनों अपने घर से फरार हो चुके हैं। तब यात्रियों को समझ आया कि वे ठगी का शिकार हुए हैं।
पुलिस जांच शुरू, अन्य पीड़ितों की तलाश
सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को शक है कि यह ठगी का नेटवर्क (Travel fraud network) आसपास के जिलों में भी सक्रिय था। जांच में अब तक मिली जानकारी के अनुसार, आरोपितों ने कई अन्य लोगों से भी उमरा यात्रा के नाम पर मोटी रकम वसूली है।
पुलिस को आशंका है कि सामने आए 17 पीड़ितों के अलावा कई और लोग भी इस ठगी का शिकार हुए होंगे। बताया जा रहा है कि आरोपित पति-पत्नी ने न केवल बिलासपुर बल्कि कोरबा, जांजगीर और रायगढ़ के कुछ लोगों को भी धार्मिक यात्रा के नाम पर झांसा दिया था। (Religious scam awareness) पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी यात्रा एजेंसी में पैसे जमा करने से पहले उसकी रजिस्ट्रेशन स्थिति, लाइसेंस और पिछले रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें।


