सीजी भास्कर, 16 नवंबर। प्रदेश में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार से अधिक राशन (Chhattisgarh Ration Card Cancellation) कार्ड निरस्त कर दिए हैं। विभागीय जांच में पाया गया कि कई कार्डधारियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन हो रहे थे। यह लेनदेन सट्टा, ठगी और अवैध पैसों से जुड़ा हुआ था।
रायपुर में 2,102, बिलासपुर में 856, दुर्ग में 2,310, सरगुजा में 309 और बस्तर में 196 बैंक खातों में लाखों रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया। प्रदेशभर में इनकी संख्या 9,422 पाई गई। कई खातों में वार्षिक लेनदेन 6 लाख रुपये से अधिक था, जिस पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में कार्डधारियों की ई-केवाईसी, बैंक विवरण और आय, गरीबी रेखा के मानक से कई गुना अधिक पाई गई। इसी आधार पर सभी कार्ड रद्द किए गए।
रिकवरी भी संभव — 62,813 आयकर दाता बने थे फर्जी बीपीएल
प्रदेश में 62,813 आयकर दाताओं ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर बीपीएल राशन कार्ड (Chhattisgarh Ration Card Cancellation) बनवाए और तीन वर्षों तक हर महीने चावल उठाया। सिर्फ राजधानी रायपुर में ही ऐसे 10,361 मामले मिले हैं।
अब खाद्य विभाग इन सभी को नोटिस जारी कर रहा है। यह जानकारी वन नेशन वन कार्ड, ई-केवाईसी, आधार-लिंक्ड बैंक खातों और पैन वेरिफिकेशन के बाद सामने आई।
निष्क्रिय आधार कार्डों पर भी मिलता रहा सरकारी लाभ
रिपोर्ट में पता चला कि 1,05,590 निष्क्रिय आधार कार्ड धारकों के नाम पर भी राशन कार्ड जारी थे। इनमें —
बिलासपुर – 5,841
कवर्धा – 8,701
जशपुर – 5,681
रायपुर – 9,356
शामिल हैं, जहाँ हजारों लोग निष्क्रिय पहचान से राशन (Chhattisgarh Ration Card Cancellation) उठा रहे थे। इन सभी को सूची से हटाया जा चुका है। जिलों को निर्देश दिया गया है कि फिजिकल वेरिफिकेशन कर फ़र्जी सदस्यों को नोटिस दें और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें।
इन वर्ग के लोगों के पास मिला बीपीएल राशन कार्ड
| जिला | संदिग्ध लेनदेन | आयकर दाता |
|---|---|---|
| रायपुर | 2,102 | 10,361 |
| बिलासपुर | 856 | 6,074 |
| दुर्ग | 2,310 | 6,339 |
| सरगुजा | 309 | 2,586 |
| बस्तर | 196 | 1,185 |
| कुल | 9,422 | 62,813 |
भूपेंद्र मिश्रा, नियंत्रक, खाद्य विभाग
“छह लाख से अधिक के लेनदेन वाले सभी राशनकार्डधारियों, जिनकी पात्रता जांच में गड़बड़ी पाई गई, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं।”


