सीजी भास्कर, 2 दिसंबर। मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिले के औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों में खौफ पैदा कर दिया है। रविवार–सोमवार की दरम्यानी रात नवागढ़ में बाघ ने एक पालतू मवेशी का शिकार किया। बाघ मवेशी को किसान की बाड़ी से उठाकर करीब आधा किलोमीटर दूर जंगल की ओर घसीट ले गया (Aundhi Tiger Alert)। सोमवार सुबह किसान ने जब मवेशी को ढूंढा, तो शिकार की पुष्टि हुई। इसकी सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
घटना स्थल के आसपास बाघ के कई स्पष्ट और बड़े पंजों के निशान मिले हैं, जिससे इसकी पहचान एक वयस्क बाघ के रूप में की जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि यह बाघ संभवतः महाराष्ट्र के ताड़ोबा रिजर्व एरिया से आया है। इलाके में सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को रात में घर से बाहर न निकलने, जंगल की ओर न जाने और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है (Aundhi Tiger Alert)। मुनादी भी कराई गई है और प्रभावित किसान के मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Aundhi Tiger Alert लगाए जा रहे ट्रैप कैमरे
बाघ की सक्रियता को देखते हुए वन अमला सतर्क हो गया है। संभावित स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि उसकी मूवमेंट की निगरानी की जा सके। वन अधिकारी का कहना है कि बाघ दोबारा लौट सकता है, क्योंकि उसे इस क्षेत्र में शिकार मिलने की संभावना है।
पिछले दो वर्षों से मोहला–मानपुर क्षेत्र और सीमावर्ती इलाकों में वन्यप्राणियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल का कहना है कि जंगल और वन्यजीव संरक्षण के सफल अभियानों का यह प्रतिफल है। पिछले एक साल में इलाके में चार से छह तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है।
भालू, हिरण सहित अन्य वन्यजीवों की संख्या और गतिविधियों में भी इजाफा हुआ है। मई माह में छत्तीसगढ़ की सीमा पर चंद्रपुर जिले में बाघ के हमले में तीन महिलाओं की मौत की घटना अब भी लोगों की याद में ताज़ा है। इससे कुछ दिन पहले मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी के पानाबरस क्षेत्र में भी बाघ के पदचिह्न मिले थे।






