अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। हाल ही में दिए गए JD Vance immigration remark पर उन्होंने कहा कि बढ़ता माइग्रेशन “अमेरिकी सपने की चोरी” है। उनके इस बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर नाराज़गी भड़क उठी और लोग वेंस की भारतीय मूल की पत्नी, उषा वेंस, को लेकर तीखी टिप्पणी करने लगे।
पत्नी को लेकर उठे सवाल
वेंस ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रवासी लोग अमेरिकी कामगारों की नौकरियां छीन रहे हैं, जबकि शोध स्टडीज़ उन समूहों द्वारा फंडेड हैं जो “पुरानी व्यवस्था से लाभ उठाते थे।” इसी टिप्पणी ने ऑनलाइन migrant hypocrisy debate को जन्म दे दिया। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि अगर वेंस प्रवासियों को समस्या मानते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी, बच्चों और उनके परिवार को भी भारत भेज देना चाहिए।
धर्म पर पुराने बयान भी आए चर्चा में
वेंस इससे पहले भी निजी और धार्मिक टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी—जो हिंदू हैं—“संभव है एक दिन ईसाई आस्था अपना लें।” बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उषा का धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है और वह उनकी आस्था का हमेशा सम्मान करते हैं। वर्तमान विवाद के बीच यह पुरानी टिप्पणी भी दोबारा वायरल होने लगी है।
प्रशासन की नई नीतियां और बढ़ती सख्ती
इसी बीच, अमेरिकी प्रशासन ने प्रवासियों पर सख्ती और बढ़ा दी है। 3 दिसंबर को USCIS ने 19 उच्च-जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी आव्रजन आवेदनों को अस्थायी रूप से रोक दिया। इसमें ग्रीन कार्ड, नागरिकता और शरण से जुड़े आवेदन शामिल हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह US immigration suspension देश की विविधता और पारंपरिक आप्रवासन मूल्यों के विपरीत है।
अमेरिकी राजनीति में गरमा गया मुद्दा
जेडी वेंस के बयान और उस पर उठे तीखे प्रतिरोध ने एक बार फिर प्रवासन को अमेरिकी राजनीति के केंद्र में ला दिया है। विरोधियों का कहना है कि वेंस मुद्दों को जटिल बनाने के बजाय भावनात्मक बयानबाज़ी को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि समर्थकों का दावा है कि वह “सिस्टम की खामियों” पर ध्यान खींच रहे हैं। फिलहाल, बहस कम होने का नाम नहीं ले रही।
सोशल मीडिया पर जारी तकरार
ऑनलाइन बहस लगातार तेज होती जा रही है, जहां एक तरफ लोग वेंस की टिप्पणी को “सामुदायिक विभाजन” बताकर आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर इसे “कठोर लेकिन आवश्यक” बयान कह रहे हैं। उषा वेंस का नाम सामने आने के बाद चर्चा का केंद्र सिर्फ नीति न रहकर अब निजी दायरे तक फैल चुका है।





