सीजी भास्कर 12 दिसम्बर हरियाणा के मेवात क्षेत्र में संदिग्ध (Mewat Terror Funding Network) के खिलाफ चल रही गुप्त कार्रवाई ने एक और बड़ा मोड़ ले लिया है।
तीन दिन की लगातार पूछताछ के बाद, एसआईटी ने तावडू के भंगवो गांव के रहने वाले युवा वकील नयूब को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
जांच टीम के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसके बयान कई बार विरोधाभासी पाए गए, जिसके बाद उसे हिरासत में लेने का निर्णय लिया गया।
रिमांड पर खुलेंगे नेटवर्क के छिपे हुए सिरों के राज
जांच अधिकारियों का मानना है कि नयूब को रिमांड पर लेने के बाद कई गुप्त गतिविधियों का खुलासा हो सकता है।
टीम को आशंका है कि फंडिंग चैनल, हवाला रूट्स और जासूसी ट्रांजैक्शनों से जुड़ी कड़ियां अभी गहरे पानी में दबी हुई हैं।
नयूब के फोन डेटा, यात्राओं और आर्थिक लेन-देन की विस्तृत जांच को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यही नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकता है।
मुख्य आरोपी रिजवान के साथ मिलकर करते थे फंडिंग ऑपरेशन
एसआईटी की पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि नयूब, पहले गिरफ्तार किए जा चुके वकील रिजवान का बेहद करीबी सहयोगी था।
दोनों न सिर्फ कानूनी प्रैक्टिस साथ करते थे, बल्कि कथित रूप से हवाला ट्रांजैक्शन और टेरर फंडिंग जैसी गतिविधियों में भी एक-दूसरे का उपयोग करते थे।
जांच में सामने आया है कि वे पंजाब तक कई बार गए, जहाँ संदिग्ध मुलाकातें और लेन-देन हुए, जो (Terror Funding Network) के पैटर्न से मेल खाते हैं।
इस साल मेवात से चौथी गिरफ्तारी—लोगों में डर और चर्चा दोनों
इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि केवल इस वर्ष, मेवात से यह चौथी गिरफ्तारी है—जिससे क्षेत्र के आम लोगों में आशंका और चर्चा का माहौल बन गया है।
तारीफ, अरमान, रिजवान और अब नयूब—इन लगातार गिरफ्तारियों ने इलाके को अचानक सुर्खियों में ला दिया है।
लोगों का कहना है कि यहां सक्रिय नेटवर्क कई वर्षों से दबे पांव काम कर रहा था, जिसका खुलासा अब जाकर हो रहा है।
SIT ने तेज की जांच—जल्द सामने आ सकते हैं बड़े खुलासे
जांच टीम ने पूरे इलाके में कई संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, दबे हुए कनेक्शन, डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और ट्रांजैक्शन लॉग्स टीम के हाथ लग चुके हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
एसआईटी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान नयूब से मिली जानकारियां पूरे (Mewat Terror Funding Network) के असली चेहरे और सरगनाओं को उजागर कर सकती हैं।





