सीजी भास्कर, 13 दिसंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार (Workers Welfare Scheme) के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर श्रम विभाग ने निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत दी है।
श्रम विभाग द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 13 श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत कुल 21,209 पंजीकृत श्रमिक हितग्राहियों को 20 करोड़ 19 लाख 98 हजार 515 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है।
यह राशि रायपुर स्थित नवा अटल नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीबीटी के माध्यम से जारी की गई। अधिकारियों ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरण का उद्देश्य श्रमिकों को पारदर्शी, त्वरित और बिचौलिया मुक्त सहायता उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल की 13 योजनाओं (Workers Welfare Scheme) के तहत यह राशि वितरित की गई। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 13 लाभार्थियों को 13 लाख रुपये, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना से एक लाभार्थी को 5 हजार रुपये तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 2,815 लाभार्थियों को 5 करोड़ 63 लाख रुपये प्रदान किए गए।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 1,400 श्रमिकों को 21 लाख रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना से 45 लाभार्थियों को 45 लाख रुपये, दीर्घायु सहायता योजना के तहत 4 श्रमिकों को 80 हजार रुपये तथा मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 315 श्रमिकों को 3 करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना (Workers Welfare Scheme) के तहत 741 विद्यार्थियों को 64 लाख 14 हजार 420 रुपये, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से 2,298 लाभार्थियों को 4 करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये, मुख्यमंत्री औजार सहायता योजना से 11,043 श्रमिकों को 3 करोड़ 84 लाख 75 हजार 631 रुपये, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से 333 वरिष्ठ श्रमिकों को 66 लाख 60 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 2,201 श्रमिकों को 81 लाख 53 हजार 468 रुपये प्रदान किए गए।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और मातृत्व सुरक्षा, श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा व खेल प्रोत्साहन, तथा श्रमिकों को औजार, उपकरण और सायकल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार की यह पहल श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


