Messi Event Mismanagement West Bengal : कोलकाता में फुटबॉल आइकन लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी ने अब सियासी रंग ले लिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अव्यवस्था को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर सीधा हमला बोला है। उनका कहना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बुनियादी व्यवस्थाओं का चरमराना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शीर्ष स्तर पर तय हो जिम्मेदारी, बोले हिमंत सरमा
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि जवाबदेही तय करने की शुरुआत नीचे से नहीं, बल्कि ऊपर से होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे आयोजनों की अनुमति सरकार देती है, इसलिए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी भी उसी की होती है। उन्होंने राज्य के गृह विभाग और पुलिस नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
गिरफ्तारी से ज्यादा व्यवस्था पर सवाल
हिमंत सरमा ने साफ किया कि वह आयोजकों की गिरफ्तारी के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं, लेकिन यह ज़रूर मानते हैं कि प्रशासनिक विफलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब किसी वैश्विक हस्ती का कार्यक्रम आयोजित होता है, तो सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जानी चाहिए।
वीआईपी कल्चर बनाम आम जनता की सुरक्षा
बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वीआईपी संस्कृति हावी है, जहां आम लोगों की सुरक्षा पीछे छूट जाती है। उन्होंने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के कई हिस्सों में लाखों की भीड़ वाले कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं, लेकिन बंगाल में बार-बार अव्यवस्था सामने आती है।
राज्य की छवि को पहुंचा नुकसान
हिमंत सरमा ने कहा कि लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनके कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था ने राज्य की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में आम लोगों से जुड़ी हिंसा और अराजकता की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो चिंता का विषय है।
आत्ममंथन की जरूरत, सियासत और तेज
असम सीएम के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से राज्य के नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान जनता की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।





