Pratima Bagri Controversy : गांजा तस्करी के एक प्रकरण में भाई की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद पार्टी संगठन ने संज्ञान लेते हुए उनसे औपचारिक स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्रदेश कार्यालय में तलब, संगठन ने की लंबी चर्चा
घटनाक्रम के बाद राज्य मंत्री को पार्टी के प्रदेश कार्यालय बुलाया गया, जहां क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने उनसे करीब आधे घंटे तक बातचीत की। बैठक के दौरान पूरे मामले की पृष्ठभूमि और राजनीतिक असर पर विस्तार से चर्चा हुई।
‘मेरा कोई लेना-देना नहीं’—मंत्री का पक्ष
बैठक में प्रतिमा बागरी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके भाई की गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं है और वे इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्होंने संगठन को आश्वस्त करने की कोशिश की कि पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत आचरण के बीच स्पष्ट अंतर है।
नेतृत्व के सवाल—जानकारी कैसे नहीं थी?
हालांकि संगठन स्तर पर इस जवाब को लेकर सवाल उठे। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि घर के दायरे में इतनी बड़ी गतिविधियां चल रही थीं, तो इसकी जानकारी न होना अपने-आप में गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। संगठन ने इस बिंदु पर स्पष्ट और ठोस जवाब देने को कहा है।
मीडिया व्यवहार पर भी जताई गई नाराजगी
सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने मंत्री के मीडिया के साथ संवाद को लेकर भी असंतोष जाहिर किया। नेताओं का मानना है कि सार्वजनिक बयानबाजी के दौरान संयम और जिम्मेदारी जरूरी होती है, जो एक जनप्रतिनिधि से अपेक्षित है।
प्रदेश अध्यक्ष की अलग से चर्चा संभव
प्रदेश कार्यालय से बाहर निकलते समय राज्य मंत्री का चेहरा उतरा हुआ नजर आया। बताया जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष इस बैठक में मौजूद नहीं थे, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए वे इस पर अलग से चर्चा कर सकते हैं।
विपक्ष के हमलों से बढ़ी चिंता
उल्लेखनीय है कि सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक एवं राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई और बहनोई को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है, जिससे पार्टी की छवि को लेकर संगठन सतर्क नजर आ रहा है।





