Political Rally Aftermath India : दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली के बाद राजधानी की सियासत अचानक गरमा गई। रैली में लगे नारों और भाषणों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए।
नारों को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रैली के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि इस तरह की भाषा न केवल राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़ती है, बल्कि यह कांग्रेस की सोच और दिशा को भी उजागर करती है।
नेहरू परिवार पर ऐतिहासिक तुलना, राहुल गांधी पर सीधा प्रहार
बीजेपी की ओर से बयान जारी करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से की। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि लगातार पीढ़ियों तक सत्ता में रहने के बाद भी पतन तय होता है। इसी तर्क के साथ उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस उसी मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री और परिवार पर हमलों का लगाया आरोप
बीजेपी प्रवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से प्रधानमंत्री और उनके परिवार को निशाने पर लेती रही है। उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाज़ी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे राजनीतिक विमर्श का स्तर नीचे जाता है।
रैली में चुनावी व्यवस्था पर उठे सवाल
उधर, कांग्रेस की रैली में कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को दोहराया, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया।
बयानबाज़ी के बीच और तेज हुआ सियासी टकराव
रैली खत्म होने के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।





