मोबाइल नेटवर्क की दुनिया अब जमीन तक सीमित नहीं रहेगी। ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट के जरिए Satellite Mobile Network को नई पहचान मिलने जा रही है। यह तकनीक उन इलाकों तक कॉल और इंटरनेट पहुंचाने का रास्ता खोलेगी, जहां अब तक नेटवर्क टावर पहुंचना संभव नहीं हो सका।
Satellite Mobile Network को ताकत देगा अंतरिक्ष से कंट्रोल
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को लो-अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा, जहां से यह अंतरिक्ष में मौजूद एक विशाल मोबाइल टावर की तरह काम करेगा। पहाड़, जंगल, समुद्र या रेगिस्तान—जहां भी मोबाइल सिग्नल दम तोड़ देता है, वहां यह सैटेलाइट नेटवर्क जीवनरेखा बनेगा ।
Satellite Mobile Network के लिए खास लॉन्च मिशन
करीब 6.5 टन वजनी इस सैटेलाइट को भारी पेलोड उठाने में सक्षम लॉन्च व्हीकल के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसमें लगा अत्याधुनिक फेज्ड-एरे एंटीना बेहद कमजोर सिग्नल को भी पकड़ने में सक्षम है, जो इस मिशन को तकनीकी रूप से बेहद खास बनाता है।
Satellite Mobile Network सीधे स्मार्टफोन से जुड़ेगा
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह Direct to Phone Connectivity पर आधारित है। यानी न सैटेलाइट फोन की जरूरत, न अलग एंटीना। सामान्य 4G और 5G स्मार्टफोन अपने आप सैटेलाइट नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएंगे।
Satellite Mobile Network में मिलेगी हाई-स्पीड सुविधा
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 के जरिए 120 Mbps तक की डेटा स्पीड संभव होगी। वॉयस कॉल, मैसेजिंग, वीडियो कॉल और इंटरनेट ब्राउज़िंग बिना रुकावट काम करेंगे। शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों में सेवा शुरू होगी, जिसके बाद इसे वैश्विक स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।
Satellite Mobile Network से घटेगी डिजिटल दूरी
इस सैटेलाइट तकनीक से करोड़ों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अब तक नेटवर्क की कमी के कारण डिजिटल सेवाओं से कटे रहे। आपदा, आपात स्थिति और दूरस्थ क्षेत्रों में संपर्क बनाए रखने में यह प्रणाली अहम भूमिका निभाएगी।





