सीजी भास्कर 24 दिसम्बर। सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक बड़ी और घातक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। मेटागुड़ा क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जंगल के भीतर छुपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। यह सामग्री माओवादियों (Anti Naxal Operation) द्वारा जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से पहले से डंप कर रखी गई थी।
जानकारी के अनुसार, मेटागुड़ा कैंप से कुछ दूरी पर स्थित बोटेतोंग के घने जंगलों में माओवादियों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की गई, जहां से हथियारों और IED से जुड़ा सामान बरामद हुआ।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
इस विशेष सर्चिंग अभियान में कोबरा 203, 131 सीआरपीएफ बटालियन और जिला पुलिस बल के जवान शामिल थे। कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने माओवादियों की योजना (Anti Naxal Operation) पर पानी फेरते हुए पूरा हथियार डंप सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षा मानकों के तहत कैंप लाया गया है।
एसपी का बयान: आत्मसमर्पण ही बचा रास्ता
ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए किरण चव्हाण ने कहा कि लगातार दबाव के चलते माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं और माओवादियों के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
बरामद सामग्री का विवरण
तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को निम्न सामग्री मिली है – एयर गन (02 नग, जिनमें से एक क्षतिग्रस्त), बट प्लेट, राइफल बोल्ट, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, IED स्टील कंटेनर (3 और 5 लीटर क्षमता), IED स्प्लिंटर्स (करीब 2 किलोग्राम), BGL से जुड़ा विस्फोटक (Anti Naxal Operation) व निर्माण सामग्री, स्टील और पीतल की रॉड, स्पाइक रॉड, स्क्रू, सिलिंड्रिकल पाइप और दवाइयां शामिल हैं।
नक्सल विरोधी अभियान को मिली मजबूती
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लगातार बरामदगियां माओवादियों की नेटवर्क कमजोर होने का संकेत हैं। पिछले कुछ समय से चल रहे सघन अभियानों के कारण उनके मूवमेंट और रणनीति पर सीधा असर पड़ा है।



