सीजी भास्कर, 24 दिसंबर। तुर्किये की राजधानी अंकारा के पास मंगलवार रात एक बड़ा विमान हादसा हो गया। लीबिया के शीर्ष सैन्य अधिकारियों को ले जा रहा जेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी सात लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में लीबिया के सैन्य प्रमुख जनरल मुहम्मद अली अहमद अल-हदाद सहित तीन क्रू सदस्य भी मारे गए। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन गई है और इसे तुर्किये विमान दुर्घटना (Turkey Plane Crash) के रूप में देखा जा रहा है।
एपी के मुताबिक डसाल्ट फाल्कन-50 श्रेणी का यह जेट विमान अंकारा के एसेनबोगा हवाई अड्डे से रात करीब 8:30 बजे रवाना हुआ था। उड़ान भरने के लगभग 40 मिनट बाद विमान से संपर्क टूट गया। बाद में विमान का मलबा अंकारा के हायमाना जिले के केसिकावक गांव के पास मिला। हादसे के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और फ्लाइट रिकॉर्डर की तलाश शुरू कर दी गई है, ताकि तुर्किये विमान दुर्घटना (Turkey Plane Crash) के कारणों की विस्तृत जांच की जा सके।
लीबियाई अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना का कारण विमान में आई तकनीकी खराबी बताया है। बताया गया है कि यह प्रतिनिधिमंडल अंकारा में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने को लेकर उच्च स्तरीय रक्षा वार्ता के बाद त्रिपोली लौट रहा था। लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हमीद दिबेबा ने मृतकों की पुष्टि करते हुए इस हादसे को देश के लिए बड़ी क्षति करार दिया।
हादसे में मारे गए अधिकारियों में लीबिया के थल सेना प्रमुख जनरल अल-फितौरी गरैबिल, सैन्य विनिर्माण प्राधिकरण के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-कतावी, चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार मोहम्मद अल-असावी दियाब और सैन्य फोटोग्राफर मोहम्मद उमर अहमद महजूब शामिल हैं। तीन चालक दल के सदस्यों की पहचान तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तुर्किये विमान दुर्घटना (Turkey Plane Crash) न केवल लीबिया की सैन्य संरचना बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी असर डाल सकती है।





