सीजी भास्कर, 25 दिसंबर | Anti Naxal Operation India : ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए एक बड़े सुरक्षा अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। इस कार्रवाई में सेंट्रल कमेटी के सदस्य गणेश उईके सहित छह नक्सलियों के मारे जाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ी उपलब्धि बताया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह ऑपरेशन नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
“31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य”
केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि देश से नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि कंधमाल ऑपरेशन के बाद ओडिशा नक्सल प्रभाव से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 तक यह लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाएगा।
जंगल में चली घंटों मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, बेलघर थाना क्षेत्र के गुम्मा जंगल में यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई, जब खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। संयुक्त कार्रवाई में केंद्रीय बल, विशेष दस्ते और राज्य पुलिस शामिल थे। रातभर चली इस मुठभेड़ के बाद इलाके को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया।
टॉप लीडर पर था करोड़ों का इनाम
मारे गए नक्सलियों में 69 वर्षीय गणेश उईके भी शामिल था, जो सेंट्रल कमेटी का वरिष्ठ सदस्य था और उस पर 1.10 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ छत्तीसगढ़ से जुड़े दो अन्य नक्सली भी मारे गए, जिन पर अलग-अलग मामलों में इनामी राशि घोषित थी।
हथियार और संचार उपकरण जब्त
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से रिवॉल्वर, 303 राइफल, वॉकी-टॉकी सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। राहत की बात यह रही कि इस पूरे अभियान में किसी भी जवान के घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे ऑपरेशन की सटीक योजना और क्रियान्वयन साफ झलकता है।
सरेंडर के बाद बड़ा झटका
यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब हाल ही में बड़ी संख्या में माओवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने आत्मसमर्पण किया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार दबाव और रणनीतिक अभियानों के चलते उग्रवादियों की पकड़ कमजोर पड़ रही है, और यही वजह है कि ऐसे ऑपरेशन सफल हो रहे हैं।





