सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल से निकलकर राष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन योगिता मण्डावी ने कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाते हुए यह असंभव सा दिखने वाला सफर तय कर दिखाया है।
कोंडागांव जिले के ग्राम हिर्री की रहने वाली बालिका योगिता मण्डावी ने जूडो खेल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इसी असाधारण उपलब्धि के लिए नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PM National Child Award) से सम्मानित किया गया।
योगिता मण्डावी का जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा है। उनका जन्म 1 जनवरी 2011 को नक्सल प्रभावित ग्राम हिर्री, जिला कोंडागांव में हुआ था। बेहद कम उम्र में उनके पिता स्व. मायाराम मण्डावी और माता स्व. सुकमती मण्डावी का निधन हो गया, जिसके बाद मात्र चार वर्ष की आयु में उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। जीवन की इस सबसे बड़ी त्रासदी के बाद योगिता अपने चाचा-चाची के संरक्षण में रहने लगीं।
देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए 25 जनवरी 2021 को जिला प्रशासन के प्रयास से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद (PM National Child Award) के बालगृह बालिका, कोंडागांव में प्रवेश दिलाया गया। यहीं से योगिता के जीवन को नई दिशा मिली और कठिन हालातों के बीच उन्होंने अपने सपनों को आकार देना शुरू किया ।
कक्षा नौवीं की छात्रा हैं योगिता
वर्तमान में योगिता स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, तहसीलपारा कोंडागांव में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं। बालगृह में आने के बाद उन्होंने न केवल पढ़ाई में बल्कि खेल के क्षेत्र में भी अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचाना। मात्र 10 वर्ष की आयु में योगिता ने जूडो खेल को अपनाया और नियमित अभ्यास, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर बेहद कम समय में उल्लेखनीय प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक (PM National Child Award) जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ष 2024 में दुर्ग में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय जूडो प्रतियोगिता में योगिता ने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही खेलो इंडिया क्षेत्रीय जूडो प्रतियोगिता 2024 (नासिक) में सिल्वर मेडल और खेलो इंडिया राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता 2024 (केरल) में भी सिल्वर मेडल जीतकर राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई ।
राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी बन चुकी हैं
वर्ष 2025 योगिता के लिए और भी खास साबित हुआ। उन्होंने राज्य स्तरीय ओपन जूडो प्रतियोगिता और राज्य स्तरीय शालेय जूडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीते, जबकि राष्ट्रीय ओपन जूडो प्रतियोगिता 2025 (हैदराबाद) में ब्रांज मेडल प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया।
आज मात्र 14 वर्ष की आयु में योगिता मण्डावी एक राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी बन चुकी हैं। वर्तमान में वे स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भोपाल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जहां उन्हें उच्च स्तरीय कोचिंग और संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कोंडागांव की कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कम उम्र में योगिता ने जो मुकाम हासिल किया है, वह जिले की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी योगिता को जिले का मान बढ़ाने के लिए बधाई दी है (PM National Child Award)।
नक्सल प्रभावित दूरस्थ ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय पहचान बनाना यह साबित करता है कि यदि सही मार्गदर्शन, अवसर और आत्मविश्वास मिले तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, सपनों को साकार किया जा सकता है।





