सीजी भास्कर 26 दिसम्बर Vinod Tiwari Bail Rejected: रायपुर की सियासत में बुधवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस नेता विनोद तिवारी की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। दो साल पुराने राजनीतिक प्रकरण में गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज मामले में राहत की उम्मीद लगाए तिवारी को न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।
पुराने राजनीतिक प्रदर्शन से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला दो वर्ष पूर्व हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के आरोप लगे थे। इसी प्रकरण में विनोद तिवारी के खिलाफ गंभीर धाराएं जोड़ी गई थीं, जिनके चलते अब अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
अदालत परिसर से सीधे जेल रवाना
बुधवार को पेशी के दौरान सुनवाई पूरी होते ही पुलिस ने विनोद तिवारी को हिरासत में लिया और उन्हें केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया। अदालत के इस आदेश के बाद न्यायालय परिसर और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
कांग्रेस खेमे में नाराज़गी, उठे सवाल
विनोद तिवारी की जेल भेजे जाने की खबर फैलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में बेचैनी देखी गई। पार्टी के कई नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह मामला लोकतांत्रिक विरोध से जुड़ा हुआ था।
आगे की कानूनी रणनीति पर नजर
सूत्रों के अनुसार, विनोद तिवारी के पक्ष की कानूनी टीम अब आगे की रणनीति पर मंथन कर रही है। आने वाले दिनों में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा, वहीं यह मामला राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।


