सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। राजधानी रायपुर में बजाज फायनेंस से जुड़ा एक गंभीर मामला (Bajaj Finance Jewellery Scam) सामने आया है, जहां चोरी के सोने-चांदी के जेवर बिना वैध दस्तावेजों के गिरवी रखे जाने की पुष्टि हुई है। न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के परसुराम नगर पुरैना में हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने बजाज फायनेंस की एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस इसे बजाज फायनेंस में गहनों की अवैध गिरवी प्रक्रिया से जुड़ा मामला मान रही है ।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परसुराम नगर पुरैना निवासी पीड़िता के घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हुए थे। इस चोरी के मामले में पहले ही एक अपचारी बालक और दूसरे आरोपी आशीष नेताम को गिरफ्तार किया जा चुका था। पूछताछ के दौरान आशीष नेताम ने खुलासा किया कि चोरी किए गए गहनों को तेलीबांधा स्थित बजाज फायनेंस कंपनी में गिरवी रखा गया है।
इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित शाखा में जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि बजाज फायनेंस की महिला कर्मचारी ने बिना किसी वैध दस्तावेज, पहचान पत्र या निर्धारित प्रक्रिया के चोरी के जेवर गिरवी रख लिए थे। यह लापरवाही न केवल कंपनी के आंतरिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि वित्तीय संस्थानों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है।
पुलिस ने महिला कर्मचारी की पहचान सनोहर जहां (27 वर्ष), निवासी पंडरी, झंडा चौक रायपुर के रूप में की है। आरोपी महिला की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के सोने के जेवर भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने बजाज फायनेंस में सामने आए गहनों की संदिग्ध लेन-देन प्रक्रिया को उजागर किया है।
इस मामले में महिला कर्मचारी (Bajaj Finance Jewellery Scam) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय संस्थानों में इस तरह की लापरवाही से अपराधियों को संरक्षण मिलता है, जिससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह के मामलों में कोई और कर्मचारी या एजेंट शामिल है और क्या पहले भी इसी तरह चोरी के गहने गिरवी रखे गए हैं। वहीं, बजाज फायनेंस प्रबंधन ने भी अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि मामले की हर कड़ी की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।


