सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले (Chhattisgarh Liquor Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो साल की जांच के बाद शुक्रवार को 29 हजार 800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में पेश की। इस चार्जशीट में 22 गिरफ्तार अधिकारी, कारोबारी और नेताओं समेत कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
ED ने चार्जशीट पेश करने से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए भाटिया वेलकम (Bhatia-Welcom) और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी (Chhattisgarh Distillery) सहित अन्य कंपनियों और आबकारी अधिकारियों की संपत्ति अटैच की है। पिछले बुधवार-गुरुवार को संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई की गई, जिसमें तीनों कंपनियों की कुल 68 करोड़ की चल-अचल संपत्ति शामिल है।
इसके अलावा तत्कालीन आबकारी कमिशर निरंजन दास समेत 31 आबकारी अधिकारियों की 38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। अब तक प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में कुल 382 करोड़ से अधिक संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
यह फाइनल चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है। इसमें डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट पेश होने के बाद अब कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और गवाहों के बयान और सबूतों की सुनवाई होगी। हालांकि छत्तीसगढ़ ACB-EOW ने सुप्रीम कोर्ट से जांच की समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की है।
इस घोटाले में अब तक 15 कंपनियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ डिस्टलरी (Chhattisgarh Distillery), भाटिया वाइन मर्चेंट (Bhatia Wine Merchant), वेलकम डिस्टलरी (Welcom Distillery), अदीप एग्रोटेक प्रा.लि., पीटरसन बायो रिफाइनरी, ढिल्लन सिटी मॉल, टॉप सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साईं बेवरेज, दिशिता वेंचर्स प्रा.लि., नेक्सजेन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड प्रा.लि., ढेबर बिल्डकॉन, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्डकॉन और प्रिज्म होलोग्राफी शामिल हैं।
इससे पहले 22 दिसंबर को EOW ने रायपुर कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल (Chaitanya Baghel) के खिलाफ करीब 3,800 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की थी। इसमें दावा किया गया कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। चार्जशीट में उल्लेख है कि सिंडिकेट के माध्यम से अवैध वसूली की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल से जुड़ा था।
ED और EOW की यह कार्रवाई राज्य में शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) के लिए अब तक की सबसे व्यापक जांच मानी जा रही है। कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद अब आरोपी और उनके गवाहों के बयान की सुनवाई शुरू होगी। इस प्रक्रिया में सभी डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड को सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने साफ किया है कि आरोपियों की संपत्ति का अटैचमेंट कानून के तहत किया गया है और आगे भी यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) की यह फाइनल चार्जशीट राज्य में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


