सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड में प्रस्तावित गारे-पेलमा कोल ब्लॉक (Coal Block Protest) सेक्टर-एक की जनसुनवाई निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से जारी ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसक रूप ले गया।
स्थानीय पुलिस टीम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंची तो बड़ी संख्या में बल देखकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन की बस-कार में आग लगा दी।
इस दौरान तमनार की महिला थानेदार कमला पुसाम पर भी हमला किया गया। ग्रामीणों ने उन्हें सड़क पर गिरा दिया और पिटाई कर दी। उग्र प्रदर्शन को काबू में करने के लिए जिला मुख्यालय और पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल भी पहुंचे। कुछ अन्य ग्रामीणों ने महिला टीआइ को बचाया और अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत वर्तमान में सामान्य है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खुरसलेंगा में शनिवार को एक सड़क दुर्घटना हुई थी। इसमें एक बाइक सवार ट्रेलर की चपेट में आने से घायल हो गया था। सड़क पर जाम लग गया और पुलिस जब धरना स्थल से ग्रामीणों को हटाकर वाहनों के लिए रास्ता बना रही थी, तब तनाव और उग्र हो गया। इसी घटना ने आंदोलन को हिंसक रूप दे दिया।
देर शाम तक ग्रामीण फिर से धरने पर बैठ गए। जिलेभर के थाने तथा उर्दना बटालियन से पुलिस बल तैनात किए गए हैं। साथ ही, सीआइएसएफ के जवान भी मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस ने अब तक करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है।
गारे-पेलमा कोल ब्लॉक (Coal Block Protest) मामले में ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई अनिवार्य थी। इस संघर्ष ने रायगढ़ जिले में सुरक्षा और शांतिपूर्ण जनआंदोलन के बीच संतुलन की चुनौती फिर से उजागर कर दी है।


