सीजी भास्कर 29 दिसम्बर प्रयागराज की धरती एक बार फिर भक्ति, तप और आस्था के रंगों में रंगने जा रही है। (Magh Mela 2026 Dates) को लेकर श्रद्धालुओं की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। हर साल की तरह माघ मेला सिर्फ स्नान का पर्व नहीं, बल्कि संयम और साधना का महीना माना जाता है, जहां कल्पवासी एक विशेष दिनचर्या के साथ जीवन बिताते हैं।
पहला पवित्र स्नान: माघ मेले की असली शुरुआत
साल 2026 में माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा के दिन होगा। इसी दिन से संगम तट पर कल्पवास की शुरुआत मानी जाती है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार, पौष पूर्णिमा का स्नान वर्ष के सबसे शुभ स्नानों में गिना जाता है और (Magh Mela 2026 Dates) की आधिकारिक शुरुआत इसी क्षण से मानी जाती है।
माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां
माघ मेले के दौरान कई ऐसे दिन आते हैं, जब संगम तट पर आस्था अपने चरम पर होती है। नीचे प्रमुख स्नान पर्वों की तिथियां दी जा रही हैं, जिन्हें श्रद्धालु विशेष पुण्यकारी मानते हैं—
- 3 जनवरी 2026 – पौष पूर्णिमा (पहला स्नान)
- 15 जनवरी 2026 – मकर संक्रांति
- 18 जनवरी 2026 – मौनी अमावस्या
- 23 जनवरी 2026 – बसंत पंचमी
- 1 फरवरी 2026 – माघी पूर्णिमा
- 15 फरवरी 2026 – महाशिवरात्रि
इन तिथियों पर (Magh Mela 2026 Dates) के तहत संगम में स्नान को विशेष फलदायी बताया गया है।
मौनी अमावस्या: सबसे बड़ा स्नान पर्व
माघ मेले में मौनी अमावस्या को सबसे पवित्र और प्रभावशाली दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन संगम का जल अमृत तुल्य हो जाता है। श्रद्धालु मौन धारण कर स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। ऐसा विश्वास है कि (Mauni Amavasya Magh Mela) पर किया गया पुण्य कभी क्षीण नहीं होता।
माघ स्नान का आध्यात्मिक अर्थ
माघ मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र बताया गया है। ग्रंथों में उल्लेख है कि इस दौरान प्रयागराज में देवताओं का वास होता है। संगम स्नान से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और कल्पवास से आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। (Magh Mela 2026 Dates) के दौरान किया गया संयम, व्रत और सेवा जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
क्यों खास है कल्पवास की परंपरा
कल्पवास केवल नदी में स्नान तक सीमित नहीं है। यह एक अनुशासित जीवन शैली है—सादा भोजन, ब्रह्मचर्य, नियमित स्नान और दान। मान्यता है कि माघ मेले के दौरान एक माह का कल्पवास कई वर्षों की तपस्या के बराबर फल देता है। यही कारण है कि (Magh Mela 2026 Dates) को लेकर श्रद्धालु दूर-दूर से संगम पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी संकेत
यदि आप माघ मेला 2026 में स्नान की योजना बना रहे हैं, तो तिथियों के साथ-साथ मौसम और भीड़ को ध्यान में रखना जरूरी है। प्रमुख स्नान पर्वों पर संगम क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में समय से तैयारी करना लाभकारी रहेगा।






