सीजी भास्कर 29 दिसम्बर Rinku Singh Vijay Hazare Form : भारतीय क्रिकेट में चयन के बाद कई खिलाड़ी दबाव में आ जाते हैं, लेकिन रिंकू सिंह ने इसका उलटा रास्ता चुना है। T20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में जगह मिलने के बाद उनका बल्ला और तेज़ी से बोलने लगा है। विजय हजारे ट्रॉफी में रिंकू सिंह का फॉर्म इस बात का सबूत बनता जा रहा है कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।
बड़ौदा के खिलाफ कप्तानी पारी
29 दिसंबर को बड़ौदा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रिंकू सिंह ने यूपी टीम की कमान संभालते हुए 67 गेंदों पर 63 रनों की संयमित लेकिन असरदार पारी खेली। इस इनिंग में उन्होंने 3 छक्के और 2 चौके लगाए और 53 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। दबाव के बीच खेली गई यह पारी टीम के लिए बेहद अहम रही।
लगातार तीसरा फिफ्टी-प्लस स्कोर
विजय हजारे ट्रॉफी में यह रिंकू सिंह का लगातार तीसरा फिफ्टी-प्लस स्कोर रहा। इससे पहले 26 दिसंबर को उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ नाबाद 106 रन ठोके थे, जबकि 24 दिसंबर को हैदराबाद के खिलाफ 67 रनों की पारी खेली थी। तीन मैच, तीन पारियां और हर बार बल्ले से जवाब—यूपी की रन मशीन पूरी लय में दिख रही है।
वर्ल्ड कप चयन के बाद बढ़ा प्रभाव
T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान 20 दिसंबर को हुआ था। इसके ठीक चार दिन बाद शुरू हुई विजय हजारे ट्रॉफी में रिंकू सिंह ने जैसे खुद को और साबित करने की ठान ली। अब तक तीन मैचों में 236 रन बनाकर वह न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर, बल्कि टीम की मानसिक मजबूती में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
क्रुणाल पंड्या के खिलाफ खास अंदाज़
बड़ौदा के खिलाफ इस पारी में रिंकू सिंह ने 6 अलग-अलग गेंदबाज़ों का सामना किया। इनमें क्रुणाल पंड्या भी शामिल थे, जिनकी 19 गेंदों पर उन्होंने 27 रन बनाए। खास बात यह रही कि अपनी पारी के तीन छक्कों में से दो छक्के रिंकू सिंह ने क्रुणाल पंड्या के खिलाफ ही लगाए, जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया।
कप्तान बनकर टीम को आगे से लीड
यूपी टीम की कप्तानी संभाल रहे रिंकू सिंह सिर्फ रन ही नहीं बना रहे, बल्कि टीम को आगे से लीड भी कर रहे हैं। उनकी बैटिंग में आत्मविश्वास, धैर्य और मैच फिनिश करने की सोच साफ दिखाई दे रही है—जो उन्हें आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए और अहम बना सकती है।





