सीजी भास्कर, 02 जनवरी। केंद्र सरकार से AGR बकाये में बड़ी राहत मिलने के बाद भी Vodafone Idea की चुनौतियां (Vodafone Idea GST Notice) कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अहमदाबाद स्थित जीएसटी विभाग ने कंपनी को करीब 638 करोड़ रुपये का पेनल्टी ऑर्डर जारी किया है, जिसे कंपनी ने गलत बताते हुए अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है।
क्या है पूरा मामला
कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह आदेश Central Goods and Services Tax के अहमदाबाद कार्यालय के एडिशनल कमिश्नर द्वारा जारी किया गया है। नोटिस में टैक्स के कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित अधिक उपयोग का आरोप लगाया गया है। आदेश में टैक्स डिमांड के साथ ब्याज और पेनल्टी भी शामिल है, जिससे कुल वित्तीय बोझ 638 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
AGR राहत के बावजूद नई चुनौती
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने Union Cabinet of India के जरिए कंपनी को बड़ी राहत (Vodafone Idea GST Notice) दी थी। AGR बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज करते हुए अगले पांच वर्षों के लिए भुगतान पर मोरेटोरियम दिया गया था। इस फैसले से कंपनी को तत्काल नकदी संकट से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन नया GST नोटिस एक बार फिर वित्तीय दबाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
कंपनी का रुख साफ
Vodafone Idea ने साफ कहा है कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इसे कानूनी तौर पर चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि नोटिस में लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और उचित कानूनी मंच पर इसका जवाब दिया जाएगा।
टेलीकॉम सेक्टर पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टेलीकॉम सेक्टर की वित्तीय सेहत पर सवाल (Vodafone Idea GST Notice) खड़े करता है। एक तरफ सरकार सेक्टर को राहत देने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर टैक्स और कानूनी विवाद कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।


