सीजी भास्कर, 21 मई। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के इतिहास में पहली बार 27 माओवादियों ने एक साथ सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। रांची पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्रा और CRPF अधिकारियों की मौजूदगी में सभी उग्रवादियों ने हथियार छोड़ दिए। (Major victory on Naxal front in Jharkhand)
सारंडा और कोल्हान क्षेत्र के सक्रिय नक्सली शामिल : Major victory on Naxal front in Jharkhand
सरेंडर करने वालों में सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय माओवादी और प्रतिबंधित संगठन JJMP के उग्रवादी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे और कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके थे।
33 लाख के इनामी नक्सलियों ने भी छोड़ा हिंसा का रास्ता
सरेंडर करने वाले 27 नक्सलियों में 8 हार्डकोर उग्रवादी ऐसे हैं, जिन पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 6 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये, एक पर 2 लाख और एक महिला माओवादी पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जमा : Major victory on Naxal front in Jharkhand
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने INSAS राइफल, SLR, पिस्टल, वॉकी-टॉकी और हजारों कारतूस समेत बड़ी मात्रा में हथियार सुरक्षा बलों के सामने जमा कराए। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियार कई नक्सली घटनाओं में इस्तेमाल किए गए थे।
426 मामलों में शामिल रहे उग्रवादी
पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वाले उग्रवादी हत्या, सुरक्षाबलों पर हमला, विस्फोट और लेवी वसूली जैसे कुल 426 मामलों में शामिल रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन मामलों की विस्तृत जांच कर रही हैं।



