सीजी भास्कर, 3 जनवरी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर दुष्कर्म (Balod Rape Case Teacher) का गंभीर और चौंकाने वाला मामला दर्ज किया गया है। बालोद थाना क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामला सामने आने के बाद जिले में शैक्षणिक वातावरण और शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस से शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, औराभाठा स्थित प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ रज्जू महिलांग (43) पर महिला ने शादी का झांसा(Balod Rape Case Teacher) देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी शिक्षक ने भरोसे में लेकर करीब आठ वर्षों तक उसका शोषण किया और हर बार शादी का आश्वासन देकर उसे चुप कराता रहा।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने भावनात्मक दबाव बनाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला ने शादी की बात को लेकर स्पष्टता मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः दूरी बना ली। खुद को ठगा और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस करने के बाद महिला ने साहस जुटाकर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई ।
शिकायत के आधार पर बालोद थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और प्रारंभिक साक्ष्यों के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ जांचा जा रहा है ।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार (Balod Rape Case Teacher) कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच जारी है। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भरोसे और जिम्मेदारी वाले पद पर बैठे लोग यदि कानून तोड़ें तो समाज पर उसका कितना गहरा असर पड़ता है।




