सीजी भास्कर, 03 जनवरी। नववर्ष 2026 की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी सौगात लेकर (PMGSY Phase 4 Approval) आई है। ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत राज्य को 2225 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति मिली है। इस चरण में प्रदेशभर में 774 ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 2427 किलोमीटर होगी।
इस स्वीकृति से राज्य की 781 ग्रामीण बसाहटें पहली बार बारहमासी सड़क सुविधा से जुड़ेंगी। यह मंजूरी मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री Vijay Sharma के विशेष प्रयासों से संभव हो सकी है।
दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगा विकास
PMGSY-IV के तहत बनने वाली सड़कों से उन दूरस्थ और दुर्गम इलाकों को जोड़ा (PMGSY Phase 4 Approval) जाएगा, जो अब तक पक्की सड़क सुविधा से वंचित थे। इससे ग्रामीणों के लिए आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार व रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिलेगा।
सरकार के अनुसार, योजना के अंतर्गत जनगणना 2011 के आधार पर पात्र बसाहटों का चयन किया गया है। विशेष रूप से धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांवों को प्राथमिकता दी गई है।
24 जिलों में बनेगी 774 सड़कें
PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 जिलों में सड़कों को स्वीकृति दी गई है। इनमें—
बस्तर में सबसे अधिक 87 सड़कें,
कोरिया में 84,
जशपुर में 77,
सूरजपुर में 76,
बलरामपुर में 58,
कोरबा में 55,
कवर्धा में 48,
महासमुंद और बीजापुर में 44-44,
कांकेर में 41,
कोण्डागांव में 34,
बिलासपुर में 27,
सरगुजा में 26,
सुकमा में 16,
रायगढ़ में 14,
दंतेवाड़ा में 12,
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 09,
गरियाबंद में 07,
बालोद और मुंगेली में 06-06,
राजनांदगांव में 05,
बेमेतरा और धमतरी में 02-02 सड़कें शामिल हैं।
पहले भी बन चुकी हैं 40 हजार किमी से ज्यादा सड़कें
उल्लेखनीय है कि PMGSY के पूर्व चरणों में छत्तीसगढ़ में अब तक 40 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की 8316 सड़कें बन चुकी (PMGSY Phase 4 Approval) हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पिछले दो वर्षों में 600 किलोमीटर सड़क निर्माण कर 138 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों को जोड़ा गया है।
“सड़कें विकास की रीढ़ हैं” – विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि PMGSY के चौथे चरण का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सड़कें विकास की रीढ़ होती हैं और इनके निर्माण से गांवों में समृद्धि और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।


