सीजी भास्कर, 8 जनवरी। सेवा सहकारी समिति गाड़ाडीह और बोरतरा (साजा) में अमानक धान की बड़ी मात्रा मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। लगभग सवा करोड़ रुपये के धान के अमानक पाए जाने के मामले में दो समिति प्रबंधक और दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच और राजस्व टीम, खाद्य अधिकारी, खाद्य विभाग, मंडी बोर्ड तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, गाड़ाडीह समिति के सहायक प्रबंधक भुवनेश्वर जंघेल और कर्मचारी गेंदराम वर्मा, तथा बोरतरा समिति के सहायक प्रबंधक टिकेश्वर निषाद और कर्मचारी किशन जांघेल को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने इस कदम को (Cooperative Management Chhattisgarh) के तहत गंभीर और अनुशासनहीनता के रूप में बताया।
मिली जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले टीम ने लगभग 10,000 बोरी धान की खरीद को जांचा। इनमें पुराना और अमानक धान शामिल था। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि यह खरीद कर्मचारियों की संलिप्तता के साथ की गई थी और इसमें सुनियोजित साजिश का भी शक है। हालांकि अभी तक पूरी मात्रा और खरीद की वास्तविक लागत स्पष्ट नहीं हो पाई है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि धान की यह खरीदी मानक प्रक्रियाओं और सहकारी समिति के नियमों के खिलाफ की गई थी। कर्मचारियों पर यह आरोप है कि उन्होंने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का उल्लंघन किया और निजी स्वार्थ के लिए अमानक धान की खरीद को अंजाम दिया। निलंबन के बाद विभाग ने स्पष्ट किया कि आगे की जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने जिले में सहकारी समितियों की पारदर्शिता और नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े मानक और नियमित निरीक्षण लागू किए जाएंगे। (Chhattisgarh Cooperative Scam Investigation) के तहत यह मामला राज्य प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।
ग्रामीणों और किसानों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि ऐसे अमानक धान की बिक्री और वितरण में लापरवाही निवारण नहीं हुई तो किसानों का नुकसान बढ़ सकता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही समिति प्रबंधकों की जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए नई निगरानी प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है। (Chhattisgarh Cooperative Scam Investigation) के अंतर्गत सभी सहकारी समितियों की नियमित ऑडिट और निरीक्षण का प्रावधान सुनिश्चित किया जाएगा।


