CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Ayushman Yojana Payment Crisis : 200 निजी अस्पतालों में फ्री इलाज बंद, 600 करोड़ रुपए का भुगतान अटका

Ayushman Yojana Payment Crisis : 200 निजी अस्पतालों में फ्री इलाज बंद, 600 करोड़ रुपए का भुगतान अटका

By Newsdesk Admin
10/01/2026
Share

सीजी भास्कर, 10 जनवरी। राज्य में निजी अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojana Payment Crisis) के तहत फ्री इलाज की व्यवस्था एक बार फिर डगमगा गई है। दिवाली से पहले से ही निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के भुगतान नहीं किए गए हैं। बकाया राशि बढ़कर अब करीब 600 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। इसका सीधा असर छोटे और मंझोले निजी अस्पतालों पर पड़ा है, जहां आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

Contents
  • सरकारी और निजी अस्पतालों पर बराबर दबाव
  • भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने उठाया मुद्दा
  • पहले भी अटक चुका है बड़ा भुगतान

स्थिति यह है कि लोन लेकर अस्पताल (Ayushman Yojana Payment Crisis) शुरू करने वाले कई प्रबंधन अब ईएमआई चुकाने में असमर्थ हो गए हैं। इसी कारण राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में लगभग 200 छोटे और मंझोले निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत फ्री इलाज बंद कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

सरकारी और निजी अस्पतालों पर बराबर दबाव

आयुष्मान योजना (Ayushman Yojana Payment Crisis) के तहत जितने मरीज सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते हैं, लगभग उतने ही मरीज निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। स्वास्थ्य विभाग हर साल औसतन करीब 2500 करोड़ रुपए गरीब मरीजों के इलाज पर निजी अस्पतालों को भुगतान करता है। इसके बावजूद हर चार से पांच महीने में भुगतान अटकना लगभग नियमित समस्या बन चुकी है। जब भी भुगतान रुकता है, उसका सीधा असर इलाज की व्यवस्था पर पड़ता है। इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही बन गए हैं। भुगतान रुकते ही निजी अस्पतालों ने पहले गैर-आपात सेवाएं और फिर धीरे-धीरे इमरजेंसी में भी फ्री इलाज सीमित करना शुरू कर दिया है।

भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने उठाया मुद्दा

निजी अस्पतालों में मरीजों को हो रही परेशानी और प्रबंधन की आर्थिक दिक्कतों को लेकर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष विमल चोपड़ा और हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र शुक्ला कई बार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तक से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने भुगतान में हो रही देरी से उत्पन्न गंभीर स्थिति से सरकार को अवगत कराया है। हालांकि, अब तक इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

आंकड़ों में आयुष्मान योजना (Ayushman Yojana Payment Crisis) की स्थिति

प्रदेश में 600 से ज्यादा निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से इलाज

700 से अधिक सरकारी अस्पतालों में भी योजना के तहत इलाज

फिलहाल करीब 200 छोटे-मंझोले निजी अस्पताल आयुष्मान मरीजों को लौटा रहे हैं

रात के समय इमरजेंसी में फ्री इलाज लगभग बंद

रात की इमरजेंसी में बढ़ी सबसे ज्यादा परेशानी

निजी अस्पतालों का भुगतान अटकने से सबसे ज्यादा दिक्कत रात के समय इमरजेंसी सेवाओं में सामने आ रही है। खासतौर पर शहरों के आउटर इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में तबियत बिगड़ने पर मरीजों को निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में गरीब परिवारों को तत्काल इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति की जानकारी भी चिकित्सा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को दी है।

पहले भी अटक चुका है बड़ा भुगतान

यह पहली बार नहीं है जब आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर संकट खड़ा हुआ हो। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी निजी अस्पतालों का करीब 1200 करोड़ रुपए का भुगतान अटक गया था। उस समय चुनावी प्रक्रिया के कारण स्थिति और बिगड़ गई थी। कांग्रेस शासनकाल में जुलाई–अगस्त 2023 से भुगतान रुका हुआ था। नवंबर में चुनाव हुए और सत्ता परिवर्तन के चलते मामला और उलझ गया। उस दौरान भी कई निजी अस्पतालों ने इलाज बंद कर दिया था। बाद में भुगतान हुआ, लेकिन अब फिर वही हालात बनते नजर आ रहे हैं।

Custodial Death Ramanujganj: जिला जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
Daily Wage Workers Removed Without Order: बगैर आदेश हटाए गए आदिवासी विभाग के कर्मचारी, आज कलेक्टोरेट घेराव की चेतावनी
Kidnapping : अपहरण मामले में अदालत सख्त, पांचों दोषियों को राहत देने से साफ इनकार
CBS Admission : सीबीएस में प्रवेश के लिए छात्रों को राहत, अब इस तारीख तक भर सकेंगे आवेदन
CG खबर : चिकन राइस विवाद में छत से धक्का देकर मार डाला, राजमिस्त्री ने की दोस्त की हत्या फिर करता रहा पुलिस को गुमराह
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

CSCS anti-doping seminar
CSCS anti-doping seminar : 200 क्रिकेटरों को दी गई ट्रेनिंग, दवाओं और सप्लीमेंट को लेकर किया गया जागरूक

CSCS anti-doping seminar

Bilaspur train cancellation
Bilaspur train cancellation : 18-19 जुलाई को 8 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को होगी परेशानी

Bilaspur train cancellation

Priyadarshini Parisar theft
Priyadarshini Parisar theft : बिजली केबल चोरी, बाइक सवार तीन बदमाश सीसीटीवी में कैद

Priyadarshini Parisar theft

Bilaspur LIC office fire
Bilaspur LIC office fire : शॉर्ट सर्किट से आग, बड़ा हादसा टला

Bilaspur LIC office fire

Teacher pay scale case
Teacher pay scale case : क्रमोन्नति वेतनमान पर 14 शिक्षकों को हाईकोर्ट से झटका, सभी रिट याचिकाएं खारिज

Teacher pay scale case

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?