सीजी भास्कर, 11 जनवरी। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ को लेकर एक बार (NSE IPO News) फिर उम्मीद जगी है। करोड़ों निवेशकों और शेयरहोल्डर्स के लिए राहत की खबर यह है कि बाजार नियामक सेबी ने संकेत दिए हैं कि आईपीओ से जुड़ा जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जल्द जारी किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो वर्षों से अटकी लिस्टिंग प्रक्रिया आखिरकार रफ्तार पकड़ सकती है।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने हालिया बयान में कहा कि एनएसई से जुड़े मामलों में नियामकीय स्तर पर अंतिम चरण की प्रक्रिया चल रही है और इसी महीने NOC मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंजूरी मिलने के बाद भी एक्सचेंज के शेयर बाजार में लिस्ट होने में करीब 8 से 9 महीने का समय लग सकता है।
गौरतलब है कि एनएसई ने पहली बार अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) वर्ष 2016 में दाखिल किया था। इसके बाद को-लोकेशन मामले और डार्क फाइबर एक्सेस जैसे विवाद (NSE IPO News) सामने आए, जिनके चलते आईपीओ की प्रक्रिया ठप पड़ गई। इन मुद्दों पर लंबी जांच और कानूनी प्रक्रियाओं ने एनएसई की लिस्टिंग को लगभग एक दशक तक रोक कर रखा।
सूत्रों के मुताबिक, NOC मिलने के बाद एनएसई को नया DRHP तैयार करने में करीब चार महीने का समय लगेगा। इसके बाद सेबी की ओर से पूछे जाने वाले सवालों और दस्तावेजी जांच की प्रक्रिया पूरी होने में अतिरिक्त चार महीने लग सकते हैं। इस तरह, सब कुछ तय योजना के अनुसार चला तो अगले वित्तीय वर्ष के अंत तक लिस्टिंग संभव मानी जा रही है।
एनएसई की संरचना इसे अन्य कंपनियों से अलग बनाती है। यह एक ऐसा एक्सचेंज है, जिसका कोई प्रमोटर नहीं है और पूरी तरह संस्थागत स्वामित्व मॉडल पर काम (NSE IPO News) करता है। इसके बावजूद, इसके साथ 1.72 लाख से अधिक शेयरहोल्डर्स जुड़े हुए हैं, जो लंबे समय से आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में सेबी और एनएसई के बीच कॉरपोरेट गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और लंबित मुकदमों को लेकर लगातार बातचीत होती रही है। अब जब NOC की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंचती (NSE IPO News) दिख रही है, तो माना जा रहा है कि पुराने विवादों का समाधान निकाल लिया गया है।
बाजार जानकारों का मानना है कि एनएसई का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास की सबसे अहम घटनाओं में से एक हो सकता है। लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को पारदर्शिता, वैल्यू अनलॉकिंग और सेकेंडरी मार्केट में तरलता का बड़ा फायदा मिल सकता है।
अब सबकी नजर सेबी के औपचारिक फैसले पर टिकी है। अगर संकेतों के अनुसार NOC जारी हो जाता है, तो यह एनएसई के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार के लिए भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।


