Epstein Files Modi Name Controversy : एपस्टीन फाइल्स से जुड़े हालिया अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी वर्ष 2017 की इजरायल यात्रा के संदर्भ का उल्लेख सामने आने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
सरकार की चुप्पी पर तीखा हमला
दीपक बैज ने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर ऐसे संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक हुए हैं, तो केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मामले पर मौन साधे हुए है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
विदेश मंत्रालय की सफाई
इस बीच विदेश मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि इजरायल यात्रा से इतर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे एक दोषी व्यक्ति की निराधार और काल्पनिक बातें हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और इन्हें पूरी तरह खारिज किया जाता है।
फिंगेश्वर हिंसा पर कानून व्यवस्था का मुद्दा
इसी बयान के दौरान दीपक बैज ने गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर क्षेत्र में हुई सांप्रदायिक हिंसा को भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग दोहराई।
धान खरीदी को लेकर सरकार पर आरोप
धान खरीदी के आंकड़ों को लेकर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि तय लक्ष्य के मुकाबले लाखों मीट्रिक टन धान की खरीदी कम हुई है। कई किसानों का पंजीयन होने के बावजूद उन्हें टोकन नहीं मिला, जिससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
29 जिलों में कम खरीदी का दावा
बैज का कहना है कि प्रदेश के 29 जिलों में धान खरीदी में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में कम खरीदी पर जश्न मनाना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से किसानों से माफी मांगने और शेष किसानों का धान खरीदने के लिए तत्काल आदेश जारी करने की मांग की।
बजट 2026 में छत्तीसगढ़ की अनदेखी का आरोप
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भी दीपक बैज ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है। माइनिंग कॉरिडोर जैसे फैसलों से केवल बड़े उद्योगपतियों को लाभ मिल रहा है, जबकि आम जनता और किसान पीछे छूट रहे हैं।
जनहित में फैसलों की मांग
दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि वे जनहित, किसानों और आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियां राज्य के विकास के बजाय असंतोष को बढ़ावा दे रही हैं।


