सीजी भास्कर, 06 फरवरी। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोंडागांव और अंबिकापुर में एक साथ कार्रवाई करते (Anti Corruption Bureau Raid) हुए रिश्वतखोरी के मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।
कोंडागांव: पेंशन फाइल आगे बढ़ाने के बदले मांगी घूस
कोंडागांव जिले के बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू सतीश सोढ़ी को एसीबी ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Anti Corruption Bureau Raid) किया है। जानकारी के मुताबिक, सरपंच पारा मिडिल स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षक सोनसिंह यादव पेंशन प्रारंभ कराने के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान बाबू द्वारा पेंशन फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की गई।
परेशान शिक्षक ने मामले की शिकायत एसीबी जगदलपुर से की। सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और बाबू को रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया।
अंबिकापुर: हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में ACB की बड़ी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई अंबिकापुर के गोधनपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय में हुई। यहां ACB की टीम ने संभागीय कमिश्नर पीसी अग्रवाल और बाबू अनिल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक ठेकेदार से कार्य से संबंधित भुगतान और प्रक्रिया के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
योजनाबद्ध तरीके से की गई इस कार्रवाई में एसीबी ने दोनों को घूस लेते (Anti Corruption Bureau Raid) हुए मौके पर ही धर दबोचा। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भ्रष्टाचारियों के लिए सख्त संदेश
लगातार हो रही एसीबी की कार्रवाइयों से साफ है कि राज्य में रिश्वतखोरी के खिलाफ प्रशासन अब किसी भी स्तर पर नरमी के मूड में नहीं है। इन मामलों के सामने आने के बाद सरकारी दफ्तरों में सतर्कता बढ़ गई है और कर्मचारियों-अधिकारियों में कार्रवाई का डर साफ नजर आ रहा है।




