सीजी भास्कर, 06 फरवरी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे और फुटकर व्यापारियों के लिए आर्थिक संबल बनकर (Street Vendor Success Story) उभरी है। इस योजना ने लोरमी के फल विक्रेता सोना कैवर्त्य की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया। सीमित संसाधनों से जूझ रहे सोना कैवर्त्य ने योजना का लाभ लेकर अपने बंद पड़े व्यवसाय को दोबारा खड़ा किया और आज उनकी कहानी आत्मनिर्भर भारत की प्रेरक मिसाल बन गई है।
सोना कैवर्त्य को उनकी उद्यमिता और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। यह सम्मान न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे लोरमी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बना।
श्री कैवर्त्य बताते हैं कि आर्थिक तंगी के दौर में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना उनके लिए संजीवनी (Street Vendor Success Story) साबित हुई। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा से 10 हजार रुपये का प्रथम ऋण प्राप्त कर दोबारा फल व्यवसाय शुरू किया। समय पर ऋण चुकाने और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते उन्हें आगे भी योजना के तहत अधिक ऋण मिलने की संभावनाएं खुल गईं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड को नजदीक से देखना उनके लिए सपने जैसा अनुभव था। यह सब योजना के भरोसे और मेहनत के कारण संभव हो पाया।
लोरमी नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बन चुकी है। उन्होंने अन्य छोटे व्यवसायियों से भी इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को सशक्त बनाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना विशेष रूप से उन फुटकर व्यापारियों के लिए शुरू की गई थी, जिनका व्यवसाय कोरोना काल के लॉकडाउन के कारण प्रभावित (Street Vendor Success Story) हुआ था। योजना के अंतर्गत आसान प्रक्रिया के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। हितग्राहियों को 7 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी दी जाती है और 15 हजार, 25 हजार तथा 50 हजार रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है। लोरमी नगर पालिका क्षेत्र में अब तक 249 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।




