रायपुर में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान ओपी चौधरी ने सदन के पटल पर “छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26” रखा। रिपोर्ट में राज्य की अर्थव्यवस्था की समग्र स्थिति, सामाजिक–आर्थिक संकेतक, आधारभूत संरचना और सरकारी योजनाओं की प्रगति का विश्लेषण किया गया है। दस्तावेज़ के मुताबिक, (Chhattisgarh Economic Survey 2025-26) आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए ग्रोथ ट्रैजेक्टरी का खाका पेश करता है।
सर्वेक्षण के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर उल्लेखनीय बढ़त दिखा सकता है। कृषि व संबद्ध गतिविधियों में विस्तार, औद्योगिक उत्पादन में स्थिर रफ्तार और सेवा क्षेत्र में मांग बढ़ने से कुल ग्रोथ को सहारा मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट का संकेत है कि (Chhattisgarh Economic Survey 2025-26) के मुताबिक तीनों प्रमुख सेक्टर मिलकर आर्थिक गति को आगे बढ़ाएंगे।
आधार वर्ष 2011–12 के स्थिर भावों पर गणना की जाए तो भी वास्तविक विकास दर में सुधार का अनुमान है। कृषि, उद्योग और सेवा—तीनों सेक्टरों में क्रमिक विस्तार की तस्वीर सामने आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रेंड बताता है कि (Chhattisgarh Economic Survey 2025-26) सिर्फ नाममात्र की नहीं, बल्कि वास्तविक ग्रोथ की ओर इशारा करता है, जो निवेश और रोजगार के लिए सकारात्मक संकेत है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमानों में भी राज्य की अर्थव्यवस्था में मजबूती दिखी है। कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन, उद्योगों में निर्माण व खनन गतिविधियों की निरंतरता, और सेवा क्षेत्र में मांग बढ़ने से कुल विकास दर को समर्थन मिला। रिपोर्ट बताती है कि (Chhattisgarh Economic Survey 2025-26) में पिछली उपलब्धियों को आधार बनाकर आगे की नीतिगत दिशा तय की गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, ग्रामीण आजीविका, कृषि वैल्यू-चेन, और औद्योगिक विस्तार को प्राथमिकता देने के संकेत मिलते हैं। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले बजट प्रस्ताव इन सेक्टरों को टार्गेट कर सकते हैं। कुल मिलाकर, (Chhattisgarh Economic Survey 2025-26) राज्य के लिए ग्रोथ–ओरिएंटेड रोडमैप पेश करता है, जिसमें सामाजिक कल्याण और आर्थिक स्थिरता—दोनों को संतुलित करने की कोशिश दिखती है।






