सीजी भास्कर 2 मार्च धान की अंतर राशि को लेकर राजधानी रायपुर में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भुगतान में भेदभाव किया जा रहा है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस तकरार ने Paddy Differential Politics को चुनावी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है, जहां किसानों के हित बनाम राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की तस्वीर उभर रही है।
सरकार का दावा, सभी पात्रों को मिला लाभ
राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि महतारी वंदन योजना और धान की अंतर राशि सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाई जा चुकी है। मंत्री टंक राम वर्मा के मुताबिक, होली से पहले किसानों और महिलाओं के खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई थी। सरकार इसे (Chhattisgarh Paddy Payment) मॉडल की सफलता बता रही है और कहती है कि भुगतान में किसी तरह का पक्षपात नहीं हुआ।
कांग्रेस का पलटवार, सूची सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर सबको बराबरी से राशि मिली है, तो सरकार लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करे। रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए होली नहीं मनाने का निर्णय लिया, जिसे पार्टी के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। विपक्ष इसे (Farmer Benefit Row) बताते हुए किसानों के हक़ से जुड़ा सवाल मान रहा है।
त्योहार और संस्कृति पर बयान से बढ़ी तल्ख़ी
इस विवाद ने तब नया मोड़ ले लिया जब मंत्री टंक राम वर्मा ने कांग्रेस की सोच को भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के बहिष्कार जैसे फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी और तीखी हो गई, जिससे (Political Clash Raipur) का माहौल बन गया है।
किसानों के मुद्दे से आगे बढ़ती बहस
धान की अंतर राशि का मुद्दा अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सांस्कृतिक और वैचारिक बहस में तब्दील हो गया है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा से लेकर सड़क तक गर्मा सकता है। Paddy Differential Politics फिलहाल प्रदेश की राजनीति में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।






