सीजी भास्कर, 2 मार्च। रसोई में थोड़ी सी बचत कभी-कभी सेहत पर भारी पड़ सकती है। डीप फ्राई के बाद बचे तेल को दोबारा गर्म कर इस्तेमाल करना (Trans Fat Health Hazard) आम आदत है, लेकिन विशेषज्ञ इसे खतरनाक बता रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से प्रशिक्षित जनरल फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सेहरावत ने चेतावनी दी है कि बार-बार गर्म किया गया तेल लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
बार-बार गर्म करने से तेल में क्या बदलता है?
डॉ. सेहरावत के अनुसार, जब एक ही तेल को बार-बार उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उसकी संरचना टूटने लगती है। इससे कई हानिकारक रसायन बनने लगते हैं, जैसे –
कार्सिनोजेनिक कंपाउंड (कैंसर पैदा करने वाले तत्व)
टोटल पोलर कंपाउंड
पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs)
ट्रांस फैट
फ्री रेडिकल्स
ये तत्व शरीर में सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और डीएनए डैमेज जैसी समस्याएं (Trans Fat Health Hazard) बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे तेल में बना भोजन खाने से कैंसर और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
दिल की सेहत पर भी असर
बार-बार गर्म किया गया तेल खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ा सकता है। इससे धमनियों में प्लाक जमने लगता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट फूड आउटलेट्स में कई बार एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, जो उपभोक्ताओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
सुरक्षित तरीका क्या है?
यदि तेल बच गया है और आप उसे फेंकना नहीं चाहते, तो कुछ सावधानियां अपनाएं—
इस्तेमाल के बाद तेल को अच्छी तरह छान लें।
साफ, बंद कंटेनर में स्टोर करें।
1–2 दिन के भीतर हल्के उपयोग (जैसे तड़का) में इस्तेमाल करें।
दोबारा डीप फ्राई के लिए उसी तेल का उपयोग न करें।
ज्यादा तापमान पर तेल की गुणवत्ता तेजी से गिरती है और विषैले (Trans Fat Health Hazard) तत्वों की मात्रा बढ़ती है।
छोटी बचत, बड़ी कीमत
रसोई में तेल को बार-बार गर्म करना आर्थिक रूप से फायदेमंद लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, ताजा तेल का सीमित उपयोग और सही कुकिंग तकनीक अपनाकर ही स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखी जा सकती है।






