सीजी भास्कर 2 मार्च BSP Truck Strike: नारायणपुर में खनन गतिविधियों और प्रशासनिक प्रतिबंधों के विरोध में ट्रक मालिकों व जनप्रतिनिधियों ने चक्काजाम कर दिया। नारायणपुर–अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लगा, बसें और निजी वाहन फंसे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दों पर सुनवाई नहीं होने से आक्रोश फूटा—यही वजह है कि (Naraynpur Truck Protest) सड़कों पर दिखा। यह इलाका Narayanpur के अंतर्गत आता है।
सिंगल लेन पाबंदी से बढ़ी दूरी, बढ़ा खर्च
खोड़गांव–अंजरेल क्षेत्र से लौह अयस्क ढुलाई करने वाले ट्रकों पर सिंगल लेन मार्ग के कारण पाबंदी लगाई गई है। ट्रक मालिकों के मुताबिक नारायणपुर से अंतागढ़ की करीब 50 किमी दूरी अब वैकल्पिक रूट से लगभग 250 किमी हो रही है। डीज़ल, समय और श्रम—तीनों का खर्च कई गुना बढ़ गया, जिससे (Iron Ore Transport Issue) और गंभीर हुआ।
रात में ही आवाजाही, दिन भर इंतज़ार की मजबूरी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर सीमा में दिन के समय भारी वाहनों की एंट्री सीमित है, इसलिए ड्राइवरों को दिन भर खड़े रहना पड़ता है और रात में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। लगातार शिफ्ट बदलने और थकान के बीच दुर्घटना का खतरा भी बढ़ता है—यानी व्यवस्था व्यावहारिक नहीं लगती।
अधूरी सड़क, धूल और कम दृश्यता से खतरा
नारायणपुर से कोंडागांव की ओर National Highway 130D पर निर्माण कार्य चल रहा है। अधूरी सड़क, उड़ती धूल और कम दृश्यता के कारण ट्रैफिक स्लो हो जाता है, कई बार लंबी कतारें लगती हैं। चालकों का कहना है कि यह स्थिति (NH130D Road Work) के चलते रोज़मर्रा की समस्या बन चुकी है।
DMF राशि पर सवाल, विकास कार्यों की मांग
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि खदान नारायणपुर जिले में होने के बावजूद जिला खनिज न्यास की राशि दूसरे जिले में जा रही है। इससे स्थानीय विकास प्रभावित हो रहा है—सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी कमजोर हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि (DMF Fund Dispute) का समाधान कर राशि स्थानीय जरूरतों पर खर्च की जाए।
समाधान नहीं तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ट्रक यूनियन का कहना है कि या तो पाबंदियों में व्यवहारिक ढील दी जाए, या सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था हो। जब तक ठोस निर्णय नहीं आता, आंदोलन जारी रह सकता है। प्रशासन से संवाद की उम्मीद जताई गई है, ताकि जाम और जनजीवन की परेशानी खत्म हो सके।






