सीजी भास्कर, 16 मार्च। राजधानी में कानून-व्यवस्था पर सख्ती के दावों के बीच सोमवार देर रात शहर के गांधीनगर इलाके (Gandhi Nagar Raipur) में हिंसक झड़प ने फिर कई सवाल खड़े कर दिए। कालीबाड़ी से लगे इस इलाके में दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते चाकूबाजी का रूप ले लिया। घटना के बाद न सिर्फ इलाके में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि आसपास के लोगों में भी रातभर दहशत बनी रही। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुरानी तनातनी ने लिया हिंसक मोड़
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के गांधीनगर में अभिषेक सोनी और विक्रम के बीच पहले विवाद हुआ। शुरुआत में यह सामान्य बहस लग रही थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर हमला बोल दिया। आरोप है कि विक्रम अपने साथियों के साथ अभिषेक के पीछे दौड़ा और उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
वारदात के बाद हमलावर मौके से भागे
चाकूबाजी की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार (Gandhi Nagar Raipur) हो गए। स्थानीय लोगों ने घायल को संभालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। देर रात हुई इस वारदात के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। शुरुआती चर्चा में यह भी कहा जा रहा है कि विवाद का संबंध अवैध कारोबार की प्रतिद्वंद्विता से हो सकता है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इलाके में पहले से तनाव की चर्चा
गांधीनगर और आसपास के हिस्सों में लंबे समय से कुछ आपराधिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है। इस घटना ने एक बार फिर उस डर को सामने ला दिया है, जिसमें लोग छोटी कहासुनी के अचानक खूनी संघर्ष में बदल जाने से सहमे रहते हैं। देर रात हुए हमले के बाद कई परिवारों ने अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने देने की बात कही।
पुलिस पुराने लिंक भी खंगाल रही
मामले की जांच में पुलिस आपसी दुश्मनी, पुराने नेटवर्क और हमले से जुड़े संभावित कनेक्शन को खंगाल (Gandhi Nagar Raipur) रही है। बताया जा रहा है कि जिन नामों की चर्चा इलाके में चल रही है, उनके पुराने आपराधिक संबंधों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस का फोकस हमलावरों की पहचान पुख्ता करने, उनकी लोकेशन ट्रेस करने और वारदात के असली कारण तक पहुंचने पर है।
राजधानी में सुरक्षा पर फिर सवाल
कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद उम्मीद थी कि राजधानी में चाकूबाजी, मारपीट और गैंग जैसे टकरावों पर सख्ती से रोक लगेगी, लेकिन ताजा घटना ने यह दिखा दिया कि जमीनी स्तर पर चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। शहर के बीचोंबीच देर रात हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।





