सीजी भास्कर, 22 मार्च। शासकीय छात्रावास में पढ़ने वाली 10वीं की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले ने प्रशासन को झकझोर (Collector Action Chhattisgarh) दिया है। घटना सामने आते ही जिला प्रशासन ने जांच कराई और गंभीर लापरवाही उजागर होने पर छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
स्वास्थ्य सूचना से खुला मामला
17 मार्च को छात्रा की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में मामला संवेदनशील पाया गया, जिसके बाद तुरंत तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया। 20 मार्च को जांच रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कई गंभीर चूकें उजागर हुईं।
जानकारी होने के बावजूद छुपाया गया मामला
जांच में सामने आया कि छात्रा की स्थिति की जानकारी अधीक्षिका को पहले से थी, लेकिन उन्होंने यह बात उच्च अधिकारियों (Collector Action Chhattisgarh) तक नहीं पहुंचाई।
छात्रावास संचालन में भी अनियमितताएं मिलीं
छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई
निगरानी और जिम्मेदारी दोनों में कमी उजागर हुई
कलेक्टर की सख्त कार्रवाई
मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा तय किया गया है। साथ ही छात्रावास का संचालन फिलहाल सहायक अधीक्षिका को सौंप दिया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं (Collector Action Chhattisgarh) की जाएगी। आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और सख्त निगरानी रखी जाएगी।


