BCom LLB Result Controversy को लेकर Atal Bihari Vajpayee Vishwavidyalaya में माहौल अचानक गर्म हो गया। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी पहुंचे और रजिस्ट्रार ऑफिस का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि जारी किए गए रिजल्ट में गंभीर गड़बड़ियां हैं, जिससे उनका भविष्य दांव पर लग गया है।
एग्जाम देने वाले भी बताए गए ‘एब्सेंट’
(Result Error Issue) के तहत सबसे बड़ा आरोप यही है कि कई ऐसे छात्र, जिन्होंने नियमित रूप से परीक्षा दी, उन्हें रिजल्ट में ‘एब्सेंट’ दिखा दिया गया। इतना ही नहीं, कई स्टूडेंट्स को शून्य अंक दिए जाने की भी शिकायत सामने आई है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
3 घंटे तक चला प्रदर्शन, NSUI भी शामिल
(Student Protest) के दौरान लॉ स्टूडेंट्स ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने साफ कहा कि यह केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा।
बिना फीस दोबारा जांच की मांग
छात्रों ने (Free Revaluation Demand) को लेकर स्पष्ट मांग रखी कि यूनिवर्सिटी बिना किसी शुल्क के आंसरशीट की दोबारा जांच कराए। उनका कहना है कि जब गलती यूनिवर्सिटी की है, तो उसका भार छात्रों पर नहीं डाला जाना चाहिए।
7 दिन में जांच का भरोसा
प्रदर्शन के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से Dr. Tarneesh Gautam ने छात्रों को आश्वासन दिया कि सात दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है, जो आंसरशीट की दोबारा समीक्षा करेगी।
अलग-अलग कोर्स में मिला-जुला प्रदर्शन
(Result Analysis) के अनुसार बीकॉम एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का रिजल्ट मात्र 25.86% रहा, जो सबसे कम है। वहीं बीए एलएलबी और एलएलएम के अन्य सेमेस्टर में रिजल्ट अपेक्षाकृत बेहतर देखने को मिला। इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि आंकड़ों से ज्यादा जरूरी पारदर्शिता है।
छात्रों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
(Future Concern) को लेकर छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल सभी की नजर यूनिवर्सिटी की जांच प्रक्रिया और आने वाले संशोधित रिजल्ट पर टिकी हुई है।


