सीजी भास्कर, 31 मार्च। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड (Bijapur Collector Meeting) में आ गया है। कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में इन्द्रावती सभाकक्ष में आदिवासी विकास विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक, अधिकारी और संबंधित कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, अनुशासन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए गए।
प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन बच्चों के गांव में ही शासकीय स्कूल उपलब्ध हैं, उन्हें वहीं प्रवेश दिया जाए। ऐसे छात्रों को आश्रम या छात्रावास में दाखिला नहीं दिया जाएगा। केवल दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों या स्कूल छोड़ चुके छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर जिला कार्यालय की अनुमति से प्रवेश मिलेगा।
इसके अलावा, अन्य जिलों के जो बच्चे वर्तमान में बीजापुर के छात्रावासों (Bijapur Collector Meeting) में रह रहे हैं, उन्हें नए सत्र में उनके मूल जिले में ट्रांसफर किया जाएगा। इसकी सूची 8 अप्रैल तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीट लिमिट और अनुशासन पर सख्ती
बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि किसी भी स्थिति में छात्रावासों में स्वीकृत सीट से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। लंबे समय से अनुपस्थित छात्रों के मामले में अधीक्षकों को उनके पालकों से संपर्क कर उन्हें वापस लाने का प्रयास करने को कहा गया है। यदि छात्र वापस नहीं आते हैं, तो नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विशेष निर्देश
छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगंतुक पंजी अनिवार्य किया गया है। जो भी व्यक्ति छात्रावास में आए या जाए, उसका पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसके साथ ही छुट्टियों के बाद जब छात्र वापस आएंगे, तो उनका स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, खासकर कन्या छात्रावासों में पढ़ने वाली छात्राओं का।
भोजन की गुणवत्ता पर भी नजर
कलेक्टर ने भोजन व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश (Bijapur Collector Meeting) दिए हैं। हर दिन भोजन तैयार होने के बाद उसका स्वाद परीक्षण करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एक रजिस्टर में टेस्ट करने वाले का नाम, समय, भोजन का प्रकार और गुणवत्ता से जुड़ी टिप्पणी दर्ज करनी होगी। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखने और खराब सामग्री को नियमानुसार अपलेखन समिति की अनुमति से हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छुट्टियों और नियमों का पालन जरूरी
कलेक्टर मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से पहले किसी भी छात्र को छात्रावास छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल शासन द्वारा निर्धारित तारीख पर ही बच्चों को अवकाश पर भेजा जाएगा।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक के अंत में कलेक्टर ने साफ कहा कि सभी अधीक्षक इन निर्देशों का सख्ती से पालन (Bijapur Collector Meeting) करें। छात्रावासों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बैठक दर्शाती है कि प्रशासन इस बार शिक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता और बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और अनुशासित माहौल देने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है।


