Bhilai Student Suicide News : छत्तीसगढ़ की ‘शिक्षा धानी’ कहे जाने वाले भिलाई में एक ही दिन में दो अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। दुर्ग जिले के भिलाई में 11वीं की एक छात्रा और बीसीए (BCA) के एक छात्र ने अपने-अपने घरों में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। इन घटनाओं ने छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और दबाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“सॉरी मम्मी-पापा”: छात्रा का आखिरी संदेश
पहला मामला पुरानी भिलाई क्षेत्र का है। यहां 17 वर्षीय एक छात्रा, जो 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी, सुबह पढ़ाई करने के बहाने अपने कमरे में गई थी। काफी देर तक जब कमरा नहीं खुला, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई; छात्रा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी।
पुलिस को मौके से एक भावुक सुसाइड नोट मिला है। इसमें छात्रा ने अपने माता-पिता और परिवार से माफी मांगते हुए लिखा— “सॉरी मम्मी-पापा, अब मैं आप लोगों को और परेशान नहीं करूंगी।” पुलिस इस नोट की हैंडराइटिंग की जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ कर रही है कि आखिर वह किस बात से परेशान थी।
कोहका में बीसीए छात्र ने लगाया फंदा
दूसरा मामला भिलाई के कोहका इलाके का है। यहां 19 वर्षीय एक युवक, जो कंप्यूटर साइंस (BCA) का छात्र था, अपने घर में मृत पाया गया। सुबह जब उसने देर तक दरवाजा नहीं खोला, तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला।
परिजनों का कहना है कि युवक का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था और वह पढ़ाई में भी अच्छा था। किसी भी तरह की परेशानी या तनाव के लक्षण उसमें नहीं दिख रहे थे, जिससे यह गुत्थी और उलझ गई है कि उसने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
15 दिनों में तीसरी घटना: गहराती चिंता
दुर्ग-भिलाई में पिछले 15 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी घटना है जहां किसी छात्र ने आत्महत्या की है। मनोचिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने युवाओं में बढ़ते ‘परफॉर्मेंस प्रेशर’ और मानसिक अवसाद (Depression) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
पुलिस की जांच जारी
भिलाई पुलिस ने दोनों ही मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी की भी जांच की जाएगी ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
हेल्पलाइन नंबर: अगर आप या आपका कोई परिचित किसी भी तरह के मानसिक तनाव या संकट से गुजर रहा है, तो कृपया मदद मांगें। आप सुसाइड प्रिवेंशन हेल्पलाइन या विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। अकेले न रहें, बात करें।


