रायपुर/नई दिल्ली: India Census 2027 Schedule : देश में 16 साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार जनगणना 2027 (Census 2027) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 16 अप्रैल से शुरू होने वाले पहले चरण में ‘मकान सूचीकरण और आवास गणना’ (House Listing Operations) की जाएगी। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें नागरिकों को पहली बार खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने (Self-Enumeration) का विकल्प दिया गया है।
मकान और सुविधाओं का लिया जाएगा पूरा ब्योरा
पहले चरण में प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर 33 प्रमुख सवालों के जरिए जानकारी एकत्र करेंगे। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मकान की स्थिति: दीवार और छत की सामग्री (कच्चा/पक्का मकान)।
- बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का स्रोत, बिजली, शौचालय का प्रकार और जल निकासी व्यवस्था।
- परिवार का विवरण: मुखिया का नाम, लिंग और परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या।
- सम्पत्ति/उपकरण: रेडियो, टीवी, इंटरनेट एक्सेस, लैपटॉप/स्मार्टफोन और वाहनों (साइकिल/कार/बाइक) की जानकारी।
- खाद्यान्न: परिवार में मुख्य रूप से उपयोग होने वाले अनाज का प्रकार।
ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने 16 से 30 अप्रैल तक नागरिकों को खुद जानकारी भरने की सुविधा दी है।
- कैसे करें: नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं।
- फायदा: इससे ‘डोर लॉक’ (घर बंद मिलने) की समस्या खत्म होगी और प्रगणकों का समय बचेगा।
- 11 अंकों की आईडी: फॉर्म सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (SE ID) मिलेगी, जिसे 1 मई से आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
‘वर्तमान निवास’ ही होगा आधार
जनगणना के नियमों के अनुसार, व्यक्ति को उसी पते की जानकारी देनी होगी जहां वह वर्तमान में रह रहा है।
- किरायेदार: किराये के मकान में रहने वाले लोग ही उस मकान की जानकारी देंगे।
- मकान मालिक: यदि किसी के पास एक से अधिक मकान हैं, तो वह केवल उसी मकान का ब्योरा देगा जहां वह खुद निवास करता है।
- छात्र: जो छात्र हॉस्टल या बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, वे अपने वर्तमान निवास स्थान के आधार पर ही गिने जाएंगे।
डेटा से तय होगा विकास का रोडमैप
यह जनगणना केवल एक गिनती नहीं है, बल्कि आगामी दशक के विकास का आधार है। इसी डेटा के विश्लेषण से भविष्य में:
- नई सड़कों और बिजली ग्रिड का विस्तार होगा।
- शुद्ध पेयजल योजनाओं (जैसे जल जीवन मिशन) की रूपरेखा बनेगी।
- सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान सटीक होगी।
महत्वपूर्ण तारीखें और आंकड़े :
| चरण | विवरण | अवधि |
| पहला चरण (HLO) | मकान सूचीकरण और स्व-गणना | 16 अप्रैल – 15 मई, 2026 |
| सत्यापन | प्रगणकों का घर-घर दौरा | 01 मई, 2026 से शुरू |
| दूसरा चरण (PE) | जनसंख्या की विस्तृत गणना | फरवरी 2027 |
| प्रगणक | छत्तीसगढ़ में तैनात टीम | लगभग 53,000 |


