अंबिकापुर: Ambikapur Rape and Murder Case 2026 : सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में बीती रात एक महिला के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और नृशंस हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस ‘निर्भया कांड’ जैसी जघन्य वारदात के विरोध में युवा कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर के गांधी चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
गांधी चौक पर ‘हल्लाबोल’: दोषियों को फांसी की मांग
युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव लिली श्रीवास की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- मुख्य मांग: कांग्रेस ने मांग की है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दी जाए।
- अल्टीमेटम: लिली श्रीवास ने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो पूरी कांग्रेस पार्टी प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करेगी।
कानून व्यवस्था पर तीखे प्रहार
धरना प्रदर्शन में शामिल नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद और जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:
- बढ़ते अपराध: कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- विफलता: नेताओं ने कहा कि शहर के बीचों-बीच ऐसी वारदात होना पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सरकार से प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा नहीं संभल रही है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी अब भी फरार
घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का दावा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है:
- टीमें गठित: आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की 4 अलग-अलग विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
- तकनीकी जांच: साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से सुराग जुटाए जा रहे हैं।
प्रमुखों की मौजूदगी
इस अनिश्चितकालीन धरने में कांग्रेस के दिग्गज नेता और युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- लिली श्रीवास (राष्ट्रीय सचिव, युवा कांग्रेस)
- बालकृष्ण पाठक (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस)
- शफी अहमद (नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम)
- युवा कांग्रेस के सभी जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी।


