सीजी भास्कर 8 अप्रैल MCB District News : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। मनेंद्रगढ़ विकासखंड के प्राथमिक शाला बाला में पदस्थ प्रधानपाठक पारस राम वर्मा और सहायक शिक्षक मेहीलाल सिंह को ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने का दोषी पाया गया है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने इस गंभीर कदाचरण पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोनों को पद से निलंबित कर दिया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल, रंगे हाथों पकड़े गए गुरुजी
इस बड़ी कार्रवाई की नींव तब पड़ी जब कलेक्टर के निर्देश पर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि दोनों शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय नशे की हालत में स्कूल पहुंचे थे। अधिकारियों ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और शिक्षकों के बयान दर्ज किए, जिसमें उन्होंने शराब पीने की बात स्वीकार की।
मेडिकल जांच में हुई पुष्टि और कानूनी शिकंजा
मामले की पुष्टि के लिए दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ ले जाया गया। वहां हुए चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट में भी उनके शरीर में अल्कोहल की मौजूदगी प्रमाणित हुई। इस मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय भेजा गया, जिसके बाद प्रशासन ने बिना किसी देरी के निलंबन की फाइल पर मुहर लगा दी।
सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दोनों शिक्षकों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 और 23 का खुला उल्लंघन है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की अराजकता को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
जिला शिक्षा कार्यालय मुख्यालय और भत्ता निर्देश
निलंबन की अवधि के दौरान पारस राम वर्मा और मेहीलाल सिंह का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर निर्धारित किया गया है। नियमों के मुताबिक, सस्पेंशन के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य सरकारी कर्मचारियों के बीच सख्त संदेश गया है कि कर्तव्य में लापरवाही भारी पड़ सकती है।


