सीजी भास्कर, 09 अप्रैल । भारतीय कमोडिटी बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव वाला (Gold Investment Tips) रहा। पिछले कई दिनों से आसमान छू रही कीमती धातुओं की कीमतों पर आज ब्रेक लग गया, जिससे सराफा बाजार में सन्नाटा पसर गया है।
अंतरराष्ट्रीय संकेतों और वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला, जहां चांदी ने निवेशकों को बड़ा झटका देते हुए अपनी बढ़त गँवा दी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे स्तरों पर हुई मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे धकेलने का काम किया है, जिससे अब खरीदारों के लिए एक नई उम्मीद जगी है।
चांदी के भाव में आई बड़ी सेंध (Gold Investment Tips)
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज चांदी की चमक सबसे ज्यादा फीकी नजर आई। चांदी की कीमतों में करीब 2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसके दाम सीधे ₹3,300 तक टूट गए। इस गिरावट के बाद चांदी अब ₹2,35,133 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।
अचानक आई इस कमी ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो आने वाले शादी-ब्याह के सीजन के लिए बड़ी खरीदारी की योजना बना रहे थे। ट्रेडर्स का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों में चांदी ने जिस रफ्तार से बढ़त बनाई थी, उसके बाद इस तरह का ‘प्राइस करेक्शन’ होना लाजमी था।
24 कैरेट सोने की कीमतों का ताजा हाल
सोने की बात करें तो यहां भी आज गिरावट का ही दौर देखने को मिला। MCX पर शुद्ध 24 कैरेट सोना ₹500 की कमजोरी के साथ ₹1,51,272 प्रति 10 ग्राम के भाव पर फिसल (Gold Investment Tips) गया।
हालांकि सोने में गिरावट की तीव्रता चांदी के मुकाबले कम रही, लेकिन बाजार में छाई अनिश्चितता ने आम खरीदार को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में डाल दिया है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती ने सोने की मांग पर दबाव बनाया है, जिसके चलते घरेलू बाजार में भी कीमतें नीचे की ओर रुख कर रही हैं।
ग्लोबल मार्केट और एक्सपर्ट की राय
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी आज सोना और चांदी दबाव में नजर आए। स्पॉट सिल्वर गिरकर 73.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय सोना 4,715 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह गिरावट शॉर्ट टर्म के लिए (Gold Investment Tips) हो सकती है।
क्योंकि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के फैसले और भू-राजनीतिक हालात आने वाले समय में फिर से कीमतों में उछाल ला सकते हैं। ऐसे में जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का एक शानदार मौका साबित हो सकती है, बशर्ते वे बाजार की चाल पर बारीकी से नजर रखें।



