सीजी भास्कर, 10 अप्रैल। बालोद जिले में किसानों को खाद और उर्वरक की आपूर्ति में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन (Fertilizer Distribution Irregularities) मोड में नजर आ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सख्त निर्देशों के बाद, कृषि विभाग की विशेष टीमों ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में चल रहे निजी और सहकारी उर्वरक केंद्रों पर औचक दबिश दी।
इस जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को खाद निर्धारित दरों पर मिले और बाजार में इसकी कृत्रिम कमी न पैदा की जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बारीकी से दुकानों में रखी पी.ओ.एस. (POS) मशीनों की जांच की और गोदामों में रखे बोरे गिने। जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई केंद्रों पर कागजों और मशीनों में दर्ज स्टॉक, मौके पर मौजूद भौतिक स्टॉक से मेल नहीं खा रहा था।
जांच में खुली गड़बड़ी की पोल और थमाए गए नोटिस (Fertilizer Distribution Irregularities)
कृषि विभाग के उप संचालक ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान जिले के कई नामी केंद्रों पर वितरण और भंडारण संबंधी भारी खामियां पाई गई हैं। इसमें गुरूर क्षेत्र के टेसू कृषि केंद्र और सुरेश ट्रेडर्स के साथ-साथ डौंडीलोहारा का सोनकर कृषि केंद्र और जेवरतला का सोनवानी कृषि केंद्र प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा, सेवा सहकारी समिति नवागांव (अहि.) में भी उर्वरकों के वितरण को लेकर लापरवाही उजागर हुई है। इन सभी संस्थानों को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की धाराओं के तहत दोषी पाया गया है। विभाग ने इन सभी 6 केंद्रों को कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और उनसे पूछा गया है कि नियमों की अनदेखी के लिए उन पर कठोर कार्रवाई क्यों न की जाए।
अछोली के बाफना कृषि केंद्र पर गिरी गाज, बिक्री बंद
इस पूरी मुहिम के दौरान सबसे सख्त कार्रवाई अछोली स्थित बाफना कृषि केंद्र पर देखने को मिली। यहाँ अनियमितताओं का स्तर इतना अधिक था कि विभाग ने तत्काल प्रभाव से इस केंद्र की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब यह केंद्र आगामी आदेश तक किसी भी प्रकार के उर्वरक का लेन-देन नहीं कर पाएगा।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से उन बिचौलियों और दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है जो खाद की जमाखोरी कर मुनाफाखोरी करने की फिराक में रहते हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और भविष्य की रणनीति
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह तो महज शुरुआत (Fertilizer Distribution Irregularities) है, आने वाले दिनों में जिले के हर छोटे-बड़े खाद केंद्र की सघन जांच की जाएगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे खाद खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें और यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।
यदि आने वाले समय में किसी भी केंद्र पर दोबारा गड़बड़ी पाई गई या नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो प्रशासन संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने से भी पीछे नहीं हटेगा। जिले में गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


