Brilliant Public School Bilaspur : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित ब्रिलियंत पब्लिक स्कूल पर आरोप है कि उसने सैकड़ों अभिभावकों और छात्रों को सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम के नाम पर गुमराह किया। स्कूल प्रबंधन ने दाखिले के समय सीबीएसई पैटर्न का दावा कर मोटी फीस वसूली, लेकिन जब परीक्षा का समय आया, तो छात्रों पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के तहत परीक्षा देने का दबाव बनाया गया।
केंद्रीय राज्यमंत्री के निर्देश पर हुई जांच
अभिभावकों के भारी विरोध और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की शिकायतों के बाद मामला केंद्रीय स्तर तक पहुंचा। केंद्रीय राज्यमंत्री के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने अभिभावकों के बयान दर्ज किए और स्कूल के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
जांच की मुख्य बातें:
- भ्रामक विज्ञापन: स्कूल में पढ़ाई सीबीएसई किताबों से कराई जा रही थी और फीस भी उसी आधार पर ली गई।
- मान्यता का सच: जांच में स्पष्ट हुआ कि स्कूल के पास केवल राज्य बोर्ड (CGBSE) की मान्यता है, लेकिन उन्होंने खुद को सीबीएसई पैटर्न के रूप में पेश किया।
- अचानक सूचना: परीक्षा से ऐन पहले बोर्ड बदलने की जानकारी दी गई, जिससे छात्रों को तैयारी का मौका नहीं मिला।
स्कूल प्रबंधन की सफाई और हाईकोर्ट का रुख
स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को नकारते हुए दावा किया है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर कभी सीबीएसई मान्यता का दावा नहीं किया और उनके सभी कागजात राज्य बोर्ड के ही हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों की इस तरह की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और अधिकारियों को सख्त रुख अपनाने को कहा है।
मान्यता खत्म करने की अनुशंसा
जांच कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को सौंप दी है। रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन को दोषी मानते हुए शासन से स्कूल की मान्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की सिफारिश की गई है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से अंतिम आदेश जारी किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।


