सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो पाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों को घेरते हुए उन पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ होने का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव ने कहा कि विपक्षी बाधाएं उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शुरू हुआ नारी शक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास अपने लक्ष्य तक जरूर पहुंचेगा और देश की मातृशक्ति विपक्ष को इसका जवाब देगी।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष नहीं चाहते कि देश की महिलाएं विकास में पुरुषों के साथ बराबरी से भागीदारी निभाएं। उनके मुताबिक कांग्रेस महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है और चुनाव के समय ही उन्हें याद करती है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को डर है कि अगर महिलाएं बड़ी संख्या में विधानसभाओं और लोकसभा में पहुंचेंगी तो उसकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो जाएगी।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने के लिए था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं को संवैधानिक अधिकार से वंचित किया है।
वहीं, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष का रुख सामने आने के बाद जनता समझ चुकी है कि कांग्रेस महिला सशक्तीकरण के खिलाफ है।


